झाबुआ के वार्ड क्रमांक 3 मारुति नगर में, मुख्यमंत्री नल जल योजना के अंतर्गत पाइप लाइन डालने के लिए, सड़क के बीचो बीच खुदाई की गई थी, उसके बाद मैन लाइन डालकर रहवासियों को 1900 रुपए शुल्क लेकर, नल कनेक्शन वितरित किए गए थे। लेकिन नल कनेक्शन देने के लिए की गई खुदाई का, अभी तक रिपेयरिंग भी नहीं किया गया, और ना ही सड़क का निर्माण किया गया। गड्ढों को कच्चे मटेरियल और गिट्टी से भरकर ऐसे ही छोड़ दिया गया। यहां के रहवासि इख्तियार खान, परवीन शैख, बनो बी, निर्मला देवी ने बताया गिट्टी बिछाए जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई। गाड़ियां निकलने से गिट्टी उड़कर लोगों को लग रही है, दो बच्चों के सिर पर गिट्टी लगने से वह घायल हो गए. महिलाएं अपने घर के बाहर नहीं बैठ सकती। गिट्टी उड़ने से कई गाड़ियों में भी नुकसान हुआ, जो रोड के आस पास खड़ी थी। गाड़ी वाले भी यहां गिर चुके हैं। लेकिन समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है. कलेक्टर साहब द्वारा भी यहां का निरीक्षण किया गया, उसके बाद भी अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ। क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना होने का इंतजार कर रहा है। यहां के रहवासियों में काफी आक्रोश है, उनका कहना है ऐसे अव्यवस्थित कार्य होने से समस्याओं का सामना हमें करना पड़ रहा है. इससे बड़े अधिकारियों को क्या फर्क पड़ता है। पिछले 1 वर्ष से अधिक हो गया है, लेकिन किसी प्रकार का कोई कार्य यहां शुरू नहीं हुआ।
क्या हम मारुति नगरवासीयो की समस्या की कोई सुनवाई नहीं होगी? क्या हमें ऐसे ही खतरों के साथ हर दिन जीना पड़ेगा? हम यही चाहते हैं जल्द से जल्द हमारी समस्या का समाधान किया जाए, और हमारी जिंदगी को सुरक्षित किया जाए। यहां के स्थानीय निवासी रूप सिंह राठौर ने बताया, आए दिन गिट्टी उड़कर बच्चों को महिलाओं को लगती है। महिलाएं घर के बाहर बैठ नहीं सकती बच्चे रोड पर खेल नहीं सकते, लेकिन हमारी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, सब आते हैं भ्रमण कर आश्वासन देकर चले जाते हैं । ना नगरपालिका इंजीनियर को हमारी चिंता है, ना सीएमओ को हमारी चिंता है, और ना ही कलेक्टर को चिंता है, सब आते हैं भ्रमण कर चले जाते हैं. अब हमें हमारी समस्या लेकर मुख्यमंत्री के पास ही जाना पड़ेगा।
वार्ड क्रमांक तीन के पार्षद जाकिर हुसैन ने बताया, कई बार हमने नगर पालिका इंजीनियर को इस समस्या से अवगत करा,एं लेकिन यहां ध्यान नहीं दिया जा रहा है. यहां हो रही समस्या से रहवासी बहोत परेशान है। ठेकेदार भी आता है, एक दो दिन काम करने के बाद चले जाता है।
झाबुआ जिला मुख्यालय होने के बावजूद भी, नगर में इस तरह की गंभीर समस्या का समाधान ना होना प्रशासन के सुस्त रवैए को दर्शाता है।
वार्ड क्रमांक 3, मारुति नगर के रहवासी जी रहे हैं खतरों के साथ-आंचलिक ख़बरें-राजेंद्र राठौर
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