शासकीय योजनाओं की राशि का ग्राम पंचायत में हुआ जमकर बंदरबांट-आंचलिक ख़बरें-प्रमोद मिश्रा

News Desk
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खंड विकास अधिकारी की छत्रछाया में शासन की मंशा पर फिर रहा पानी

चित्रकूट। जिला में इन दिनों भ्रष्टाचार चरम सीमा पर देखने को मिल रहा है। जिले के जिम्मेदार अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है और यही वजह है कि शासन की योजनाएं धरातल पर दम तोड़ते नजर आ रही हैं। भले ही उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार मुक्त करने के दावे कर रही हो और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही जा रही हो लेकिन चित्रकूट जिला में ना तो जांच हो रही ना ही भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई और यही वजह है कि शासन की योजनाएं धरातल पर दम तोड़ते नजर आ रही हैं। सारा मामला ग्राम पंचायत बन्दरी का है। जहा स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालय की राशि का जमकर दाम बंदरबांट किया गया है। शासन के मनसा अनुरूप स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायत को वितरण की गई राशि का उपयोग नहीं किया गया है। और आज भी ग्रामीण खुले में शौच कर रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक ही परिवार के कई सदस्यों को शौचालय निर्माण के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत दी जाने वाली राशि का शासन के दिशा निर्देशों को दरकिनार कर वितरण किया गया है। एक ही शौचालय को कई बार जियो टैग करके शासन की आंखों में धूल झोंकते हुए राशि निकाल ली गई है और फिर ग्राम पंचायत अधिकारी प्रधान व लाभार्थी के द्वारा शासन की धन राशि का बंदरबांट किया गया है। जबकि इसके पहले भी ग्रामीण लोगों के द्वारा कई बार जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से शिकायत की गई है लेकिन किसी अधिकारी ने आज तक कार्यवाही नहीं किया है। आप देख सकते हैं इन तस्वीरों पर जहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत जो शौचालय बनाए गए हैं वह आज भी अधूरे और खंडहर के रूप में देखे जा सकते हैं। ग्रामीणों की मांग है कि खंड विकास कार्य के ग्राम पंचायत बंदरी में शासन की योजनाओं कि जो राशि खर्च की गई है उसकी वास्तविक जांच की जाए जिससे लाखों रुपए के भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा हो सकता है।

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