पेट्रोल-डीजल पर विश्व में सबसे ज्यादा टैक्स भारत में 69 फीसदी
कोरोना लॉकडाउन के कारण लोगो की आमदनी काफी घट गई है 42 दिनों से लगातार लाक डाउन के कारण मजदूर, व्यापारी, लघु उद्योग, कपड़े उधोग व अन्य दुकान एवम कमर्चारियों के हालत खराब हुये है इसी बीच पेट्रोल एवं डीजल पर उत्पाद पर सरकार के लिए राहत की खबर कच्चे तेल की कीमत में आई ऐतिहासिक गिरावट की सुखद सूचना मिली जिसके कारण डीजल व पेट्रोल के दामों में भारी कमी आने की उम्मीद थी मगर इस उम्मीद में भी केंद्र सरकार ने पानी फेरते हुए आम जनता के साथ धोखा किया है उक्त बातें अमित द्विवेदी (प्रदेश सचिव) मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कही, श्री द्विवेदी ने कहा कि दोनों फ्यूल डीजल व पेट्रोल पर ये टैक्स 69 फीसदी हो जाता है जो कि दुनिया में पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले टैक्स की सबसे ज्यादा संख्या है पिछले साल तक पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतों में से 50 फीसदी टैक्स लगाया जाता रहा था., इस आपदा के समय सरकार को आम जनता को लाभ देने हेतु काम करने की जरूरत होती है मगर इसके उल्टे केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा लगातार जनता के पेट में लात मारने का काम कर रही है लॉक डाउन के कारण पूरे देश व प्रदेश में लोगों को जीने के लिए पैसे नहीं बचे हैं वही रोजमर्रा की उत्पाद पेट्रोल पर 10 रुपया प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपया प्रति लीटर उत्पाद शुल्क बढ़ाने से केंद्र व राज्य सरकार अपनी जेब भरने में लगा हुआ है
विश्व के अन्य देशों में पेट्रोल-डीजल पर टैक्स दुनिया के अन्य देशों में पेट्रोल और डीजल पर टैक्स देखें तो 69 फीसद भारत के बाद इटली में इन पर 64 फीसदी टैक्स लगता है. फ्रांस और जर्मनी इन फ्यूल पर 63 फीसदी टैक्स वसूलते हैं. ब्रिटेन में 62 फीसदी,स्पेन में 53 फीसदी, जापान में 47 फीसदी और कनाडा में 33 फीसदी टैक्स लगाया जाता है. वहीं अमेरिका में तो पेट्रोल-डीजल पर सिर्फ 19 फीसदी टैक्स ही वसूला जाता है. इस तरह देखा जाए तो दुनिया में पेट्रोल-डीजल पर सबसे ज्यादा टैक्स भारत में ही वसूला जाता है