बड़े बड़े शापिंग मोल ओर बैक के भवन संचालकों द्वारा, भवन तो किराये पर लगा दिए, लेकिन पार्किंग नहीं । उक्त भवनों को नगर एवं ग्राम निवेश,ओर नगरपालिका द्वारा जो भवन निर्माण की परमिशन दी गई । तो अनुज्ञा में यह सभी शर्तें भी होंगी? फिर आम नागरिक का क्या दोष की, वह अपने दो पहिया वाहन को कहां खड़ा करें । फिर यातायात विभाग और नगरपालिका प्रशासन मिलकर, आम नागरिकों के वाहन जब्त करें?
दरअसल सबसे पहले, दोनों विभागों को इन भवन मालिकों को, पार्किंग की व्यवस्था को लेकर वक्त हिदायत दी जाए । फिर भी यह करें न उतरे तो अनुज्ञा केशिंल कर वैधानिक कार्यवाही करें !