मनीष गर्ग खबर सतना
बुजुर्ग कृपा के नहीं सम्मान के पात्र हैं- उमेश भगवती*
माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार तथा माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश महोदय सतना के निर्देशन पर विधिक सेवा प्राधिकरण मैहर के द्वारा वृद्धा आश्रम मैहर एवं सिविल अस्पताल मैहर में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर के दौरान श्री उमेश भगवती न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि बुजुर्ग हमारे सम्मान के पात्र हैं किसी कृपा के नहीं। उन्हें भी संविधान में मौलिक अधिकार प्रदान किया है जिसके तहत वे अपने जीवन यापन एवं चिकित्सीय संबंधित सुविधाएं पाने के अधिकारी हैं।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा समय-समय पर जन सामान्य के हितों के संबंध में जो निर्णय पारित किए गए हैं उसके संबंध में आम जनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से इस शिविर का आयोजन किया गया था । वृद्धा आश्रम एवं सिविल अस्पताल मैहर में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर के दौरान श्री उमेश भगवती जेएमएफसी मैहर के द्वारा आगे बताया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा जन सामान्य के हितार्थ निर्णय पारित किए गए हैं जिसमें उनके मौलिक अधिकारों को संरक्षित किया गया है जिसके अनुसार हर व्यक्ति को शिक्षा चिकित्सा से संबंधित उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता है। हर नागरिक को अपने अधिकारों के बारे में जानना जरूरी है और वह शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकता है। शिविर में ही मैहर में पदस्थ श्री विशाल रिछारिया न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया है कि बुजुर्गों के लिए शासन के द्वारा समय-समय पर बहुत सी योजनाएं चलाई गई हैं जिनका लाभ उठाकर वह अपने जीवन को खुशहाल बना सकते हैं साथ ही अच्छा स्वास्थ्य पाना हर नागरिक का अधिकार है। मरीजों के लिए शासकीय चिकित्सालय में दवा जांच आदि की हर सुविधा शासन के निःशुल्क प्रदान की जाती है जिसका लाभ प्रत्येक नागरिक को उठाना चाहिए।
वृद्धा आश्रम मध्य प्रदेश मैहर एवं सिविल अस्पताल मैहर में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर

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