लोकसभा से पास हुआ Insurance Laws (Amendment) Bill 2025,
बीमा कंपनियों में 100 फीसदी विदेशी निवेश का रास्ता साफ
बीमा कंपनियों में 100 फीसदी विदेशी निवेश का रास्ता साफ
डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें
लोकसभा ने मंगलवार को Insurance Laws (Amendment) Bill 2025 को मंजूरी दे दी है। इस बिल के पास होते ही भारत के बीमा सेक्टर में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है, क्योंकि अब विदेशी कंपनियां भारतीय बीमा कंपनियों की 100 प्रतिशत मालिक बन सकेंगी।
भारत के बीमा सेक्टर में ऐतिहासिक बदलाव
लोकसभा से पारित हुए इस विधेयक के बाद भारत के बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति मिल गई है। अब तक बीमा कंपनियों में विदेशी हिस्सेदारी की एक तय सीमा थी, लेकिन नए कानून के तहत यह सीमा पूरी तरह हटा दी गई है। सरकार इसे आर्थिक सुधार और बीमा विस्तार की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष और आलोचक इसे जोखिम भरा फैसला मान रहे हैं।
यह बिल पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूर किया गया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस वर्ष के बजट में पहली बार बीमा सेक्टर में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश का ऐलान किया था।
सरकार का दावा: निवेश बढ़ेगा, बीमा गांव-गांव पहुंचेगा
सरकार के मुताबिक, फिलहाल भारत के बीमा सेक्टर में करीब 82 हजार करोड़ रुपये का विदेशी निवेश पहले ही आ चुका है। नए कानून के लागू होने के बाद इसमें और तेज़ बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इससे बीमा कंपनियों की पूंजी मजबूत होगी, नई तकनीक और बेहतर उत्पाद आएंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण व दूरदराज़ इलाकों तक बीमा की पहुंच आसान होगी।
सरकार इसे “Insurance for All by 2047” के लक्ष्य से जोड़कर देख रही है और दावा कर रही है कि इस फैसले से आम लोगों को ज्यादा विकल्प और बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
बड़ा सवाल: बीमा सस्ता होगा या मुनाफा विदेश जाएगा?
हालांकि इस फैसले को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि जब विदेशी कंपनियों को पूर्ण नियंत्रण मिलेगा, तो उनका प्राथमिक लक्ष्य मुनाफा होगा। ऐसे में क्या किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण परिवारों की जरूरतें प्राथमिकता में रहेंगी, यह बड़ा सवाल है।
यह आशंका भी जताई जा रही है कि मुनाफे का बड़ा हिस्सा विदेश चला जाएगा और बीमा उत्पाद आम आदमी के बजाय प्रीमियम ग्राहकों पर केंद्रित हो सकते हैं।
तीन बड़े कानूनों में बदलाव
इस बिल के जरिए बीमा क्षेत्र से जुड़े तीन प्रमुख कानूनों में संशोधन किया गया है—
Insurance Act, 1938
LIC Act, 1956
IRDA Act, 1999
इन संशोधनों के तहत LIC के बोर्ड को अधिक अधिकार दिए गए हैं। अब ब्रांच खोलने, कर्मचारियों की भर्ती और अन्य प्रशासनिक फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे। सरकार का कहना है कि इससे कामकाज में पारदर्शिता आएगी, बीमाधारकों की सुरक्षा मजबूत होगी और नियामक निगरानी और प्रभावी बनेगी।
सुधार या जोखिम?
सरकार इस कदम को बीमा सेक्टर में बड़ा सुधार बता रही है, वहीं विपक्ष इसे देश की आर्थिक सुरक्षा और आम जनता के हितों के लिए जोखिम मान रहा है। कुल मिलाकर यह बहस अब तेज हो गई है कि क्या 100 प्रतिशत विदेशी निवेश से बीमा वास्तव में सस्ता और सुलभ बनेगा, या फिर यह सेक्टर विदेशी कंपनियों के मुनाफे का जरिया बनकर रह जाएगा।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह कानून ज़मीन पर लागू होने के बाद आम जनता के लिए सुरक्षा कवच साबित होता है या नहीं।

