वैश्विक महामारी नोवल कोरोना वायरस(कोविड-१९) के संक्रमण से निपटने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मण्डल के सवारी एवं मालडिब्बा विभाग (समाडि) के सारण स्थित छपरा कोचिंग डिपों में 07 साधारण कोचों को आइसोलेशन वार्ड में परिवर्तित करने का कार्य पूर्ण कर लिया है । इस प्रकार ,शेष कोचों के परिवर्तन का कार्य प्रगति पर है जिसके पूर्ण होते ही कोचों के परिवर्तन का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। उक्त बातें छपरा पहुँचे रेल प्रबन्धक के श्री विजय कुमार पंजियार ने पत्रकारों को बताए
श्री पंजियार ने बताये कि आइसोलेशन कोचों में पारदर्शी प्लास्टिक परदों से युक्त, प्रत्येक कोच में बने आइसोलेशन वार्ड में पहला केबिन चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए है जिसमें मरीजों के लिए अक्सीजन की सुविधा, दवाऐं, उपकरण आदि उपलब्ध रहेगें तथा बाकी आठ केबिन रोगियों के लिए तैयार किये गये है। आइसोलेशन वार्ड में भारतीय शैली के शौचालय को बाथरूम में परिवर्तित किया जा रहा है। इसमें लाॅग हैण्डिल टैप और हैण्ड शावर के साथ- साथ एक बाल्टी, मग भी उपलब्ध कराये गये है। मच्छरों के प्रवेश से बचने के लिए मच्छरदानी उपलब्ध कराई गयी है तथा उचित वेंटिलेशन भी दिया गया है।
प्रत्येक केबिन में सूखा कूड़ा, गीला कूड़ा एवं खतरनाक अपशिष्ट पदार्थ के निस्तारण हेतु फुट पैडल आपरेटेड ढक्कनदार तीन अलग-अलग डस्टबिन (लाल, नीला, पीला) प्रदान किये गये है। चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा के लिए Personal Protective Equipment (पीपीई) किट उपलब्ध कराई गयी है। आइसोलेशन वार्ड में तब्दील होने के साथ ही तैनात चिकित्सक व अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ सीधे रेलवे चिकित्सालय एवं स्थानीय चिकित्सालयों में मौजूद विशेषज्ञों के सम्पर्क में रहेगे। वाराणसी मंडल द्वारा लक्षित 32 आइसोलेशन कोचों के तैयार हो जाने के उपरांत उनका पूर्ण रूप से सेनिटाइजेशन कर चिकित्सकों के उपयोग हेतु उपलब्ध कराया जा सकेगा ।
कोचिंग डिपों में 07 साधारण कोचों को आइसोलेशन वार्ड में परिवर्तित करने का कार्य पूर्ण-आंचलिक ख़बरें-धनंजय कुमार

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