अमित शाह का ऐलान: 2026 तक नक्सलवाद का होगा सफाया!
आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस: गोली का जवाब गोली से देंगे – अमित शाह
चार दशक से जूझ रहे तीन नासूरों पर मोदी सरकार का सख्त वार
वामपंथी उग्रवाद पर कड़ा प्रहार, पूर्वोत्तर में शांति की बहाली का दावा
अमित शाह का गरजता बयान: “2026 तक नक्सलवाद होगा समाप्त
राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर विस्तृत चर्चा, आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस नीति का ऐलान
राज्यसभा में गरजे अमित शाह: नक्सलवाद का अंत तय
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा का जवाब देते हुए आतंकवाद, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर उग्रवाद के खिलाफ सरकार की सख्त नीति का ऐलान किया। शाह ने कहा,
“मैं इस सदन में जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि इस देश में नक्सलवाद 21 मार्च 2026 तक समाप्त हो जाएगा।”
गृह मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। उन्होंने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो काला चश्मा पहनकर विकास को देखना नहीं चाहते, उन्हें सच्चाई कभी नज़र नहीं आएगी।
देश के तीन बड़े नासूर: आतंकवाद, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर उग्रवाद
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले चार दशकों से देश तीन बड़े नासूरों से जूझ रहा है। ये तीन नासूर हैं:
1. आतंकवाद
2. नक्सलवाद
3. पूर्वोत्तर उग्रवाद
शाह ने कहा कि इन तीनों समस्याओं ने देश की शांति और सुरक्षा को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। चार दशकों में करीब 92,000 निर्दोष नागरिक इन समस्याओं के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं।
नक्सलवाद का खात्मा: 2026 तक साफ होगी जमीन
अमित शाह ने आत्मविश्वास के साथ घोषणा की कि मोदी सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा,
“21 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का नामोनिशान मिट जाएगा।”
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने नक्सल प्रभावित राज्यों में पुलिस बल को अत्याधुनिक हथियारों और रणनीतियों से सुसज्जित किया है। इसके अलावा, स्थानीय लोगों के विकास और रोजगार के अवसर प्रदान कर नक्सलवाद की जड़ों को कमजोर किया गया है।
आतंकवाद पर कड़ा प्रहार: “हम गोली को बर्दाश्त नहीं करेंगे”
गृह मंत्री ने राज्यसभा में स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा,
“जो आतंकी हमारे जवानों पर गोली चलाएगा, उसे हम दो आंखों के बीच गोली मारेंगे।”
अमित शाह ने कहा कि पहले की सरकारें आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने में असफल रही थीं, लेकिन मोदी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाया है।
वामपंथी उग्रवाद का उन्मूलन: हर मोर्चे पर सफलता
शाह ने वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ सरकार की कामयाबी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले यह समस्या पूरे देश में फैली हुई थी, लेकिन मोदी सरकार ने प्रभावी नीति और कड़े सुरक्षा उपायों से इस पर काबू पाया है।
तिरुपति से पशुपतिनाथ तक वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ एक सख्त संदेश दिया गया है।
सरकार ने उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई है और साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर देकर उन्हें उग्रवादी संगठनों से दूर रखने का प्रयास किया है।
पूर्वोत्तर में शांति की बहाली: लंबे समय से लंबित बदलाव
अमित शाह ने पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवाद के खात्मे को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर में उग्रवाद के खिलाफ मजबूत कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सत्ता में आने के बाद पूर्वोत्तर को मुख्यधारा में लाने के लिए ऐतिहासिक प्रयास किए। उग्रवादी संगठनों से शांति वार्ता कराई गई और सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया।
आधुनिक तकनीक का उपयोग: अपराध और आतंक पर लगाम
गृह मंत्री ने बताया कि नक्सलवाद, आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने के लिए सरकार ने अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। ड्रोन सर्विलांस, सैटेलाइट मॉनिटरिंग और डिजिटल इंटेलिजेंस का उपयोग कर अपराधियों और आतंकवादियों का पता लगाया जा रहा है।
शाह ने कहा,
अब कोई अपराधी कानून से बच नहीं सकता। हमारे पास हर तकनीकी संसाधन है जो आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सहायक है।”
विपक्ष पर निशाना: “काला चश्मा पहनने वालों को विकास नहीं दिखता”
अमित शाह ने विपक्ष पर करारा हमला करते हुए कहा कि जो लोग काला चश्मा पहनकर विकास को देखना नहीं चाहते, उन्हें सच्चाई का सामना नहीं करना पड़ता।
“एक सांसद कश्मीर गए और बर्फ से खेलते हुए दूर से आतंकवादी देखने का दावा किया। लेकिन जब नजर में ही आतंक हो, तो सपने में भी वही दिखाई देगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सशक्त गृह मंत्रालय
गृह मंत्री ने कहा कि गृह मंत्रालय ने देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
1. सीमा सुरक्षा को कड़ा किया गया है।
2. साइबर सुरक्षा को आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित किया गया है।
3. नारकोटिक्स और संगठित अपराध के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में बड़ी उपलब्धि
अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने 10 साल में गृह मंत्रालय में लंबे समय से लंबित बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
अब देश की सुरक्षा के लिए कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। हर एक अपराधी को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।”
दृढ़ संकल्प और जीरो टॉलरेंस नीति
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार ने देश की सुरक्षा को सर्वोपरि मानकर काम किया है।
“हम न तो आतंकवाद को बर्दाश्त करेंगे और न ही उग्रवाद को। देश की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं होगा।”
गृह मंत्रालय में सुधार: अपराधों पर सख्त नियंत्रण
गृह मंत्री ने कहा कि कई अपराध राज्य की सीमा तक सीमित नहीं रहते। साइबर अपराध, नारकोटिक्स, संगठित अपराध गिरोह और हवाला जैसे अपराध बहुराज्यीय होते हैं। इसलिए गृह मंत्रालय में सुधार जरूरी है।
मजबूत इरादों के साथ आगे बढ़ेगी सरकार
अमित शाह ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2026 तक नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो जाए। आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ सरकार की नीति स्पष्ट है – कोई सहिष्णुता नहीं।
मोदी सरकार ने यह साबित कर दिया है कि आतंक और उग्रवाद का सफाया संभव है, बस इसके लिए मजबूत नेतृत्व और दृढ़ निश्चय की आवश्यकता है।”
देश की जनता को अब भरोसा है कि सरकार अपने वादों को निभाएगी और 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह से अंत करेगी।
भारत का भविष्य सुरक्षित है, क्योंकि सरकार ने सुरक्षा का जिम्मा खुद उठाया है।