यज्ञ से पर्यावरण शुद्धि के साथ होता है मानव की आंतरिक शक्तियों का विकास: डॉ ऋषि पाल
निसिंग/जोगिंद्र सिंह।बाबू अनन्त राम जनता महाविद्यालय कौल के प्रांगण में प्रबंधन समिति के सम्मानित पदाधिकारीगण, प्राचार्य, शिक्षक, गैर शिक्षक एवं विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति नवीन सत्र के शुभारंभ के उपलक्ष्य में हवन का आयोजन किया गया। इस हवन की मुख्य भूमिका में प्रबंधन समिति के उपप्रधान कंवर पाल सिंह उपस्थित रहे। प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल ने नवीन सत्र के शुभारंभ के अवसर पर समस्त छात्र छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सनातन परंपरा में विद्यारंभ संस्कार अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। जब भी कोई विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने के लिए महाविद्यालय में आता है तो उसको पूर्ण तन्मयता से विद्या प्राप्ति में लग जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में यज्ञ की महिमा का वर्णन करते हुए कहा गया है कि इससे न केवल बाहरी पर्यावरण शुद्ध होता है अपितु मानव की आंतरिक शक्तियों का भी विकास होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में परिश्रम, धैर्य और सत्यता की अत्यंत महत्ता होती है। साथ ही इस प्रकार के आयोजन हमें जीवन में निष्ठा से आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं। इस अवसर पर एन.सी.सी. के कैडेट्स ने महाविद्यालय में पौधारोपण भी किया। उक्त पुनीत कार्य हेतु कार्यकारिणी के सदस्य ईश्वर सिंह, मलखान सिंह, ईश्वर सिंह, बाबूराम, ईश्वर सिंह, सुभाष व महाविद्यालय का टीचिंग, नॉन टीचिंग स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। प्रबंधन समिति के प्रधान चौ.तेजवीर सिंह ने समस्त विद्यार्थियों के लिए मंगलकामनाएं प्रेषित करते हुए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की।
