ओंकारेश्वर मे नर्मदा नदी के सभी घाट जलमग्न है घाटों पर स्नान पूरी तरह प्रतिबंध की ह्रै राष्ट्रीय राजमार्ग मोरटक्का पुल पर पानी अधिक नीचे से बहने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से खंडवा खरगोन प्रशासन द्वारा पुल से आवागमन रात्रि से ही बंद कर दिया है जो लगभग २० घंटे से अधिक समय से पुल बंद होने के कारण सभी प्रमुख मार्गों पर हजारों की संख्या में वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई है जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है सभी को अलर्ट कर दिया है दोनों जिलो के प्रशासन ने नर्मदा की बाढ़ को लेकर सतत निगरानी रखे हुए हैं अधिकारी कर्मचारी रात्रि घाटों पर डेरा डाले हुए है लगातार ताजा अपडेट देने के लिए मिडिया भी लगी है
चारों धाम 12 ज्योतिर्लिंग यात्रा कर ओकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं ने कहा कि प्रशासन दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं को यातायात के नाम पर परेशान कर रहा है जबकि यातायात एवं यात्री बसों को आने-जाने देना चाहिए
बांध परियोजना से 18.500 क्यूमेक्स पानी प्रति सेकंड नर्मदा नदी से छोड़ा जा रहा है मोरटक्का का पुल पर खतरे का निशान 163 .980 है नर्मदा की बाढ़ पानी पुल पर रविवार सोमवार की रात्रि 12:00 बजे 164 .850 तक जा पहुंचा था है पुल पर यातायात बंद होने का लेबल भी यही है इसी के चलते प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से छोटे सभी वाहन प्रतिबंध कर दिए थे
खोले जा सकते हैं बांध के 23 गेट–
नर्मदा का जलस्तर और बढऩे की संभावना है। क्योंकि बरगी और तवा बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जो इंदिरासागर से होते हुए ओंकारेश्वर पहुंच रहा है। ऐसे में ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर नियंत्रण में रखने के लिए बांध के 23 गेट भी खोले जा सकते हैं।
छह वर्ष बाद रिकॉर्ड नर्मदा नदी उफान__
18 अगस्त 2013 को ओंकारेश्वर बांध के 23 गेट चार मीटर तक खोला गया था ।वर्ष 2013 की आई बाढ़ भी वर्ष 1961 के बराबर ही थी। जब नर्मदा नदी का जलस्तर 172.100 मीटर तक पहुंच गया था।तब ओंकारेश्वर बांध से 38 हजार क्यूमैक्स पानी 23 गेट खोल कर छोड़ा गया था। नर्मदा नदी खेड़ी घाट पर बना पुल एक सप्ताह तक बंद रहा था, तब पुल पर 10 फीट पानी था।छह वर्षों के बाद रविवार को बांध के 18 गेट चार मीटर तक खोलकर नर्मदा नदी में 14361 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया है।