तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर का अस्तपाल खुद है बीमार तो यहां आने वाले मरीजों का कैसे होगा इलाज।
ब्रेकिंग न्यूज़ आकाश शुक्ला की खास रिपोर्ट ओंकारेश्वर से✍
शिव की नगरी ओकारेश्वर में आने वाले शिव भक्तों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए आज भी मोहताजहोते आसानी से देखा जा सकता है। अस्पताल में मुट्ठी भर स्वास्थ्य कर्मचारियों के भरोसे ओकारेश्वर का 30 बिस्तरों वाला शासकीय अस्पताल मात्र खानापूर्ति करते हुए टूटी फूटी सेवाएं दे रहा है। जबकि पूर्व की तत्कालीन सरकार द्वारा सिंहस्थ के दौरान ताबड़तोड़ यह अस्पताल की बिल्डिंग करोड़ों रुपए की बना कर रख दी। लेकिन इसमें आवश्यक उपकरण दवाई गोलियों के साथ मात्र 10 से 12 स्टाफ जिसमें डॉक्टर से लगाकर कंपाउंडर व महिला चिकित्सक नियुक्त किये गए हैं। जबकि बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक ओमकारेश्वर के शासकीय अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण स्थानीय लोगों सहित बाहर से आए भक्तों के लिए यह बौना साबित हो रहा है। हास्यप्रद बात यह है कि इसे आज भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा प्राप्त है लेकिन तत्कालीन अधिकारियों ने अपने कार्यकाल के दौरान सिविल अस्पताल का बोर्ड लगा कर खानापूर्ति कर दी। इस अस्पताल किराए से लाई गई कुछ मशीनें तो यहां से वापस जमा करवा दी गई। वर्तमान में कोई सुविधा यहां उपलब्ध नहीं है। सावन के प्रथम दिन ओंकारेश्वर मंदिर के दर्शन करने आये दिपक कुलकर्णि को रैफर कर दिया गया। वहीं क्षेत्रीय
विधायक नारायण पटेल द्वारा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ ओकारेश्वर सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया इस दौरान कई अनियमितताएं देखी गई वहां पदस्थ डॉ ए.के सिंह ने स्टाफ की कमी व स्वास्थ सामग्री की कमी एंबुलेंस का अभाव के साथ अन्य सुविधाएं यहां नहीं होने की बात कही और बताया कि व जैसे तैसे मरीजों का इलाज करते हैं। मजबूरी में तो उनके द्वारा अधिकांश मरीजों तो इन्दौर, बड़वाह, सनावद, रेफर करने की बात कही। इस पर विधायक नारायण पटेल ने ओमकारेश्वर की समस्या एवं स्टाफ की कमी शीघ्र दूर करने का आश्वासन देते हुए भोपाल में मुख्यमंत्री के समक्ष यह बात रखने की बात कही। वहीं विदित हो कि प्रदेश के ओर खंडवा जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ओकारेश्वर में कई बार अपने निजी दौरे के तहत परिवार सहित ओकारेश्वर मंदिर दर्शन करने हेतु आए लेकिन वे केवल भगवान के दर्शन कर यहां से रवाना हो गए। उन्होंने ओकारेश्वर की स्वास्थ्य सुविधा को कभी गंभीरता से नहीं लिया तथा निरीक्षण करना भी उचित नहीं समझा श्रावण मास पर्व के दौरान बड़ी संख्या में भक्तों का ओकारेश्वर आगमन होता है। वर्तमान में आज श्रावण मास प्रथम दिवस है। ऐसे में नर्मदा नदी में डूबने एवं आकस्मिक दुर्घटनाओं के समय क्या स्थिति होगी आसानी से समझा जा सकता है।
स्वास्थ समिति के पदाधिकारियों ने विधायक सहित मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को अवगत कराते हुए कहा कि कम से कम सावन के महीने में अतिरिक्त डॉक्टरों की नियुक्ति व आवश्यक उपकरण दवाई यहां उपलब्ध कराएं प्रमुख स्थानों पर अस्थाई डॉक्टरों की नियुक्ति कर मंदिर संस्थान एवं नगर के अन्य स्थानों पर शिविर लगाकर एवं एंबुलेंस उपलब्ध कराते हुए डॉक्टरों की नियुक्ति करें ताकि तत्काल उपचार दिया जा सके।
अनुविभागीय अधिकारी एसडीएम श्रीमती ममता खेडे. खंडवा सीएचएमओ डी एस चौहान ने अपनी टीम के साथ ओकारेश्वर पहुंचकर सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान डॉं श्याम भदौरिया तथा अन्य कर्मचारी मधुसूदन मराठा ड्यूटी पर शराब पीते पाए गए सीएचएमओ ने ब्लड सैंपल लेकर लैब में भेजने की आवश्यक कार्रवाई की तथा ओकारेश्वर में पत्रकारों से चर्चा में सीएचएमओ डॉं डी एस चौहान ने बताया कि ओकारेश्वर स्वास्थ्य सुविधा को गंभीरता से लेते हुए शासन को पत्र भेज चुके हैं पर्व काल के दौरान अन्य व्यवस्था के इंतजाम किए जाएंगे एंबुलेंस का अभाव है एंबुलेंस की व्यवस्था भी शीघ्र की जाएगी 17 जुलाई बुधवार को लगभग 3:00 बजे अस्पताल पहुंचकर 2 कर्मचारियों पर जो कार्रवाई हुई है विभागीय कार्रवाई भी इनके विरुद्ध दोषी पाए जाने पर की जाएगी
ओम्कारेश्वर मध्य प्रदेश से आकाश शुक्ला की रिपोर्ट देखते रहिये आपका अपना यूट्यूब चैनल आंचलिक ख़बरें अप