प्रमोद मिश्रा
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के मऊ तहसील व थाना बरगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत बोझ के अरवारी नौढिया मजरा में बने मलय द्विवेदी के कृषि फार्म हाउस के उत्तर पश्चिमी रोड साइड पर दो बीघा जमीन सुखदेव कोरी की है। जो बकायदा चारों तरफ बाउंडेशन करा कर उसमें अपना मकान बनाया है और मकान के पीछे खेती करता है। संयोगवश मलय द्विवेदी की जमीन आगे पश्चिम साइड काफी जमीन पड़ी है। मलय द्विवेदी ने अपने कृषि फार्म हाउस को बॉउंडेशन भी कराया है। लेकिन सुखदेव कोरी गरीब हरिजन का फायदा उठाकर तीन-चार फुट अवैध अधूरा मंदिर बनाकर निर्माण कर लिया है ।मलय द्विवेदी ने पहले ही तहसील और थानों में सुखदेव के अवैध निर्माण के संबंध में शिकायती पत्र भी दिया था। तथा शासन प्रशासन के मना करने के बावजूद भी सुखदेव कोरी ने निर्माण करने का कार्य नहीं रोका और स्टे के बाद भी उसने अवैध निर्माण का कार्य सीमित ऊंचाई तक तक पूरा कर लिया है। सुखदेव कोरी ने बरगढ़ थाने में मलय द्विवेदी के खिलाफ झूठा शिकायती पत्र देकर sc-st का आरोप लगवाया । लेकिन मामला झूठा होने के कारण मलय द्विवेदी के मैनेजर हरी मोहन मिश्रा ने अपने को निर्दोष साबित करने के लिए साक्ष्य अधिकारी के सामने पेश करने पड़े ।लेकिन सुखदेव कोरी स्वयं कहता है कि जिस जमीन पर मैंने बढ़ाकर मंदिर और शौचालय बनवाया है वह मलय जी की नहीं है किसी अन्य की है तब सुखदेव कोरी से अन्य व्यक्ति का नाम पूछा गया तो एक बार भी कुछ नहीं बताया ।अतः मलय द्विवेदी के ही जमीन पर वह कब्जा कर रहा है और शासन प्रशासन को धोखा भी दे रहा है ।

मलय द्विवेदी एक प्रभावशाली धनी व्यक्तित्व के व्यक्ति हैं, उन्होंने बहुत से गरीबों को दान दक्षिणा और स्वयं सहायता की है। और जब कोई गरीब ही गरीबी का फायदा उठाए और किसी सम्मानित व्यक्ति को बेवजह बदनाम करें। इस प्रकरण में उप जिलाधिकारी मऊ चित्रकूट नवदीप शुक्ला ने भी मलय द्विवेदी को आश्वासन दिया है कि उस विवादित स्थल को नपवाकर मामले को न्याय पूर्ण खत्म किया जाएगा । लेकिन जैसे ही बरगढ थाने से योगेश तिवारी एस एचओ का ट्रांसफर होता है वैसे ही नए बरगढ़ कोतवाल के आगमन पर झूठी शिकायत सुन कार्रवाई करने की कोशिश की गई। इसके पहले के कोतवाल ने सुखदेव कोरी को निर्माण करने से मना किया लेकिन नए थानाध्यक्ष ने लगता है मामले में पारदर्शिता नहीं की है क्योंकि मलय द्विवेदी तो कभी-कभी यहां आते हैं ।उनका मैनेजर हरी मोहन मिश्रा बहुत ही सीधा साधा इंसान है उस पर मारपीट मारपीट का आरोप लगाकर sc-st में फंसाना निराधार है क्योंकि सब कुछ होने के बाद भी सुखदेव कोरी की पत्नी कुसुम कली धमकी देकर कहती है , कि मैं फिर से तुम्हें हरिजन एक्ट में फंसा दूंगी। अतः ऐसे मामलों में पारदर्शिता से शासन प्रशासन के कार्य करने पर उंगली नहीं उठती है।और जब अधिकारी और कर्मचारी ही न्याय पूर्वक कार्य न करने में अक्षम हो तो उन पर उंगली उठती है। अतः मलय द्विवेदी एक शांति प्रिय व्यक्ति हैं उनको किसी भी प्रकार के गलत तरीके से परेशान ना किया जाए क्योंकि सुखदेव कोरी का 2 बीघे निजी जमीन में ही प्रतिकूल कब्जा है ।और यदि वह कहीं से किसी तरह वेबजह अवैध कब्जा बढ़ाता है तो शासन प्रशासन को संज्ञान में ले करके उस पर कड़ी कार्रवाई भी करनी चाहिए। क्योंकि कभी-कभी पुलिस अधिकारी समझ नहीं पाते हैं कि यह तो बड़ा आदमी है यह गरीब है लेकिन कभी-कभी गरीब आदमी उल्टी चाल चलता है ।और बड़े आदमी को फंसा देता है इस बात का अधिकारीयों को ध्यान देना चाहिए।
