दीपक विश्वकर्मा
एक डॉक्टर से चल रही है 44 पंचायत की जनता का इलाज और पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में स्थित शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर ना होने के कारण मरीजों को जान जोखिम में डालकर भटकना पड़ता है और कई बार तो डॉक्टर ना होने के कारण मरीज मौत के घाट उतार गए आलम यह है कि पाली जनपद पंचायत अंतर्गत 44 गांव की जनता है और सिर्फ एक ही डॉक्टर से पूरा पाली क्षेत्र की जनता और ग्रामीण अंचल के मरीज का इलाज कराने आते हैं लेकिन पाली क्षेत्र में सिर्फ एक डॉक्टर के चलते इलाज नहीं हो पाता क्योंकि सिर्फ एक ही डॉक्टर पदस्थ है
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज सुबह से आकर डॉक्टर का इंतजार करते रहते हैं लेकिन डॉक्टर समय से उपस्थित नहीं हो पाते जिस वजह से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है और उपचार नहीं हो पाता जिस कारण मरीजों को जिले के उमरिया शहडोल साहब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेफर करना पड़ता है और तो और कई बार मरीजों की मृत्यु तक हो चुकी है अस्पताल तो कई बना दिए गए पर डॉ ना होने के चलते जनता में काफी रोष के साथ उदासीनता भी देखने को मिल रही है
सरकार यहां भी ध्यान दें
गौरतलब है कि वहीं दूसरी तरफ देखा जाए तो अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने देखने को मिलती है मरीजों के वार्ड में बेड तो है लेकिन बेड में बिना चादर के मरीज लेटे होते हैं यह सब लापरवाही के कारण इस समस्या का सामना करना पड़ता है और जब वहां के स्टाफ से बात करनी चाही तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए कह दिया कि चद्दर धोबी के यहां धुलने के लिए गया है धूल के चद्दर आएगा तो बिछाएंगे बहरहाल अब देखना यह होगा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही कब तक संभल पाएगी या फिर ऐसा ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता रहेगा पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे हम आपको बता दें कई बार मीडिया के माध्यम से क्षेत्रीय विधायक से भी डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए चर्चा की गई पर इस और शासन प्रशासन और सरकार का ध्यान ही केंद्रित नहीं हो रहा है बहरहाल अब देखना यह लाजिमी होगा कि उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की पूर्ति हो पाती है या महज ठंडे बस्ते में बंद हो जाती है।