राजगढ़ जिले में पत्रकार पर हमला, संगठन ने जताई नाराजगी
राजगढ़ जिले के कुरावर में जंप ब्लॉक अध्यक्ष और पत्रकार मनोज मेवाड़ा पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में पत्रकारों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस घटना ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
हमले के विरोध में जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्य प्रदेश (जंप) की जिला गुना एवं आरोन इकाई ने रविवार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन आरोन SDM और थाना प्रभारी को सौंपा गया। इसमें स्पष्ट मांग की गई कि सरकार पत्रकार सुरक्षा कानून को तत्काल लागू करे, ताकि पत्रकार सुरक्षित माहौल में काम कर सकें।
पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि स्थानीय पुलिस ने हमले के मामले में निष्क्रियता दिखाई और उल्टा पीड़ित पत्रकार पर समझौते का दबाव डाला। इससे पत्रकार समाज में गहरी नाराजगी है। संगठन का कहना है कि जब पत्रकार ही असुरक्षित रहेंगे, तो लोकतंत्र कमजोर होगा।
जंप संगठन की वर्षों से उठती मांग
जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्य प्रदेश (जंप) का कहना है कि वे लंबे समय से पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग कर रहे हैं। लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे।
ज्ञापन सौंपने वाले पत्रकार
ज्ञापन सौंपने वालों में जंप प्रांतीय संगठन सचिव राहुल सक्सेना, संभागीय महासचिव रोहित सक्सेना, जिला अध्यक्ष अंसार खान, सचिव मनोज अहिरवार, अरविंद साहू, ब्लॉक अध्यक्ष राकेश जैन, उपाध्यक्ष राजीव जैन, लकी श्रीवास्तव और प्रमोद श्रीवास्तव सहित कई पत्रकार मौजूद रहे।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
पत्रकारों ने कहा कि अगर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं हुआ तो यह सीधे-सीधे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आज़ादी पर हमला होगा। पत्रकारों ने मांग की कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
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