Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र में 17 जनवरी 2024 को विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर के फैसले पर शिवसेना के विधायकों को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने उद्धव गुट और स्पीकर को नोटिस जारी किया। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले में Uddhav Thackeray की याचिका पर सुनवाई के लिए 22 जनवरी 2024 की तारीख तय की है।

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Uddhav Thackeray समूह के 14 विधायको को जारी हुआ नोटिस
दरअसल, बॉम्बे हाई कोर्ट ने नार्वेकर और Uddhav Thackeray समूह के 14 विधायकों को नोटिस जारी किया है। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस फिरदोश पूनीवाला की पीठ ने महाराष्ट्र विधानमंडल सचिवालय को भी नोटिस जारी किया और सभी प्रतिवादियों को याचिका पर हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया। पीठ ने इस मामले की सुनवाई के लिए 8 फरवरी की तारीख तय कर दी है। इस मामले में कोर्ट ने कहा;
“सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया जाए। यदि कोई हो तो जवाबी हलफनामा पहले ही दाखिल किया जाए और इसकी प्रतियां याचिकाकर्ता को दी जाएं। मामला 8 फरवरी 2024 के लिए सूचीबद्ध किया जाता है।”
Uddhav Thackeray की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में दी गई दलील
Uddhav Thackeray गुट की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि सुनवाई इस शुक्रवार के बजाय अगले सप्ताह सोमवार को की जाए। इसको लेकर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा- ”हम इस पर सोमवार को सुनवाई करेंगे।” एकनाथ शिंदे की शिवसेना के मुख्य सचेतक भरत गोगावले ने प्रतिद्वंद्वी खेमे के 14 विधायकों के खिलाफ दायर याचिकाओं में कहा है कि वह संबंधित अयोग्यता याचिकाओं को खारिज करने के नार्वेकर के 10 जनवरी 2024 के आदेश की ‘वैधता, औचित्य और यथार्थता’ को चुनौती दे रहे हैं। वहीं उद्धव ठाकरे गुट ने वकील रोहित शर्मा के माध्यम से शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट को असली शिवसेना घोषित करने के नार्वेकर के 10 जनवरी के फैसले को चुनौती दी है।

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निशाने पर हैं Uddhav Thackeray गुट के ये विधायक
बता दें कि याचिका में उदयसिंह राजपूत, भास्कर जाधव, राहुल पाटिल, रमेश कोरगांवकर, राजन साल्वी, प्रकाश पजटेरफेकर, कैलाश पाटिल, सुनील राउत, विनायक चौधरी, नितिन देशमुख, सुनील प्रभु, वैभव नाइक, संजय पोटनिस और रवींद्र वायकर को निशाना बनाया गया है। शिंदे गुट के सदस्य का तर्क है कि स्पीकर का आदेश अवैध, अमान्य और असंवैधानिक है, जिसके कारण उन्हें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है।

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