भारत के उत्तर और हिमालयी क्षेत्र में इन दिनों लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से कई राज्यों में स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि किन-किन राज्यों और जिलों में आज यानी 3 सितंबर 2025 को स्कूल बंद रहेंगे और अभिभावकों व छात्रों के लिए क्या सावधानियां बरतनी जरूरी हैं।
- लगातार हो रही बारिश से जनजीवन हुआ प्रभावित
- स्कूल बंद रखने का आदेश कहाँ-कहाँ?
- उत्तराखंड में भी स्कूल बंद
- हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण छुट्टियां
- पंजाब में भी स्कूल बंद रहने का आदेश
- हरियाणा के झज्जर जिले में भी स्कूल बंद
- चंडीगढ़ में स्कूल बंद
- अभिभावकों और छात्रों के लिए सलाह
- बारिश के कारण अन्य परेशानियां भी बढ़ी हैं
- आखिर क्यों हो रही है इतनी भारी बारिश?
- क्या स्कूल बंद करना सही फैसला है?
- भविष्य में क्या करना चाहिए?
लगातार हो रही बारिश से जनजीवन हुआ प्रभावित
उत्तर भारत में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कें जलमग्न हो रही हैं, कई जगहों पर भूस्खलन और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन ने प्राथमिकता दी है बच्चों की सुरक्षा को और इसलिए कई स्थानों पर स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।
स्कूल बंद रखने का आदेश कहाँ-कहाँ?
उत्तर प्रदेश में स्कूल बंद
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के कारण स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
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गाजियाबाद: जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल 3 सितंबर को बंद रहेंगे।
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गौतमबुद्धनगर: यहां भी बोर्डों से जुड़े सभी स्कूलों में अवकाश रहेगा।
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मेरठ: जिला विद्यालय निरीक्षक ने कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है।
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मथुरा: यमुना नदी के जलस्तर में वृद्धि और बाढ़ की स्थिति के चलते कक्षा 12वीं तक सभी स्कूलों को 3 और 4 सितंबर को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
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हापुड़: भारी बारिश के कारण स्कूल बंद हैं, और ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का निर्देश दिया गया है।
उत्तराखंड में भी स्कूल बंद
उत्तराखंड के चंपावत और चमोली जिलों में भी जिला प्रशासन ने कक्षा 12वीं तक सभी सरकारी, निजी और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया है। खराब मौसम और सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण छुट्टियां
हिमाचल प्रदेश के शिमला, सोलन, सिरमौर, कुल्लू, बिलासपुर, कांगड़ा और चंबा जिलों में लगातार भारी बारिश और भूस्खलन के कारण स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद हैं। कुल्लू जिले में यह छुट्टियां 3 और 4 सितंबर तक बढ़ा दी गई हैं। इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं अनिवार्य रूप से संचालित की जाएंगी।
पंजाब में भी स्कूल बंद रहने का आदेश
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार 3 सितंबर तक राज्य के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त और निजी स्कूलों को बंद रखने की घोषणा की है।
भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पहले से घोषित छुट्टियों को बढ़ा दिया गया है ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
हरियाणा के झज्जर जिले में भी स्कूल बंद
झज्जर जिले में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन गई है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को भी 3 सितंबर को बंद रखने का आदेश जारी किया है।
चंडीगढ़ में स्कूल बंद
चंडीगढ़ प्रशासन ने भी 3 सितंबर को सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। हालांकि, गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए स्कूल प्रबंधन शिक्षकों को बुला सकता है, लेकिन छात्रों के लिए स्कूल बंद रहेंगे।
अभिभावकों और छात्रों के लिए सलाह
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स्कूल से संपर्क करें: छुट्टी की पुष्टि के लिए अपने स्कूल से संपर्क जरूर करें, क्योंकि कुछ जगहों पर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग आदेश हो सकते हैं।
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सुरक्षा का ध्यान रखें: बारिश और जलभराव वाले इलाकों में निकलते समय सावधानी बरतें। बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बचें।
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ऑनलाइन पढ़ाई पर ध्यान दें: कई जगह प्रशासन ने ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प भी सुझाया है। बच्चे पढ़ाई से दूर न हों, इसलिए ऑनलाइन क्लासेज को समय पर जॉइन करें।
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आगाह रहें: मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट्स पर नजर रखें।
बारिश के कारण अन्य परेशानियां भी बढ़ी हैं
बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कों का नुकसान, यातायात बाधित होना और कई जगहों पर बिजली कटौती की समस्या भी बढ़ गई है। स्कूल बंदी के साथ-साथ कई परीक्षाएं भी प्रभावित हो रही हैं, जैसे जम्मू-पंजाब में भारी बारिश की वजह से सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।
आखिर क्यों हो रही है इतनी भारी बारिश?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत में मानसून इस बार बहुत सक्रिय है और लगातार मॉनसून की बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन और जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है। हिमालयी क्षेत्र में बर्फ के पिघलने से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बन रही है।
क्या स्कूल बंद करना सही फैसला है?
यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। भारी बारिश में स्कूल जाना खतरनाक हो सकता है, खासकर छोटे बच्चों के लिए। इसलिए प्रशासन द्वारा स्कूल बंद करना एक जिम्मेदार और समझदार कदम है। इससे बच्चों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ अभिभावकों को भी राहत मिलती है।
भविष्य में क्या करना चाहिए?
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बेहतर जल निकासी व्यवस्था हो ताकि जलभराव की समस्या कम हो।
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मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन में सुधार कर समय पर सचेत किया जाए।
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ऑनलाइन शिक्षा को और मजबूत बनाया जाए ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में पढ़ाई बाधित न हो।
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स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए आपातकालीन योजनाएं तैयार की जाएं।
उत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्र में हो रही लगातार भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल बंद करने के आदेश एक ज़रूरी कदम हैं। अभिभावकों, स्कूल प्रशासन और बच्चों को इस स्थिति में धैर्य रखना चाहिए और सभी सावधानियों का पालन करना चाहिए। मौसम में सुधार होने पर स्कूल फिर से खुलेंगे, तब तक ऑनलाइन शिक्षा का सहारा लेना फायदेमंद होगा।
बारिश से उत्पन्न हालात चुनौतीपूर्ण जरूर हैं, लेकिन सही समय पर लिए गए फैसलों से हम सभी सुरक्षित रह सकते हैं। हमें उम्मीद है कि जल्द ही मौसम सामान्य होगा और बच्चे फिर से अपनी पढ़ाई पूरी खुशी से जारी रख पाएंगे।
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