बहेडी में 15 वाँ उर्स मेहँदीये मिल्लत बड़ी शानोशौकत से मनाया गया ।बीती रात में जश्ने ईद मिलादुन्नबी व उर्स मेहँदीये मिल्लत के मौके पर एक अज़ीमुश्शान जलसे का आगाज़ किया गया ।जिसमें मुरादाबाद से आये मौलाना इन्तेसाब कादिरी ने बताया कि 15 अगस्त को सरकार की ओर से घर घर तिरंगा झंडा लगाने की मुहिम शुरू की थी जिसका हम तहे दिल इस्तकबाल करते है लेकिन इसमें भी कुछ लोगो ने दिखावा किया महज़ चालान से बचने के लिए कुछ लोगो ने अपने यहाँ तिरंगा झंडा लगाया था ।लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं चाहे वतन की मोहब्बत हो या इस्लाम की मोहब्बत दिखावा नही होना चाहिए बल्कि दिल से होना चाहिए याद रहे जितनी अपने मज़हब से मोहब्बत जरूरी है उतनी अपने वतन से मोहब्बत जरूरी है हमारे हुज़ूर का फरमान है जिस वतन में भी रहो हमेशा उसी वतन से मोहब्बत रखो ।मकनपुर शरीफ से आये मौलाना सय्यद असगर अली ने अपनी तकरीर के दौरान बताया कि हुज़ूर को सारे कायनात का नबी बनाकर खुदा ने भेजा है जिन्होंने हमेशा गरीब मज़लूम लोगो की मदद की और सारी दुनिया उन्ही के सदके में बनी है ।
ख्वाजा सय्यद मिस्बाह उल मुराद ने अपने बेहतर कलाम का नज़राना पेश किया ।जलसे में सय्यद इख्तियार अहमद,सय्यद अनवार अहमद,मौलाना सय्यद मुनबबर अली,सय्यद फरियाद हुसैन, मौलाना असगर अली,सय्यद ख्वाजा मिस्बाह उल मुराद ,मौलाना इंतेसाब हुसैन कादिरी,मौलाना शराफत कादिरी आदि लोग उलेमा शामिल हुए ।
आज सुबह में बाद नमाज़े फजर कुरानख्वानी के हुई जिसके बाद कुल शरीफ की रस्म अदा की गई।जिसमें शहजादे मेहँदीये मिल्लत सय्यद इख्तियार अहमद ने मुल्क के अमन के लिए दुआ की ।इस दौरान सय्यद इंतेखाब आलम, सय्यद शामी मियां, सय्यद आशकार मियां,सय्यद काशिफ अनवार, फाहत जाफरी,हाफिज शाहिद शिकोही,सय्यद इतरतुल हसन ,जावेद खान,सलीम खान,आदि लोगो ने उर्स मेहँदीये मिल्लत की इन्तेज़ामत की जिम्मेदारी निभाई ।