शासकीय महाविद्यालय नसरुल्लागंज में पदस्थ प्राचार्य पर कुछ षड्यंत्र के द्वारा गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं. जब पत्रकार द्वारा इसकी जानकारी प्रिंसिपल प्राचार्य से लेनी चाही तो, उनका कहना है, मैं यहां काफी समय से पदस्थ हूं, मेरे बारे में कोई भी किसी प्रकार का कोई विवाद, अनुशासनहीनता शुरू से नहीं रही है. मेरे पक्ष में पूरा स्टाफ, मेरे पूरे कॉलेज के छात्र-छात्राएं हैं. प्राचार्य का कहना है कुछ फर्जी बिल मुझसे पास कराने के विषय में, दो तीन बार मुझसे कहा गया था, उस बिल का हमारे पास कोई प्रूफ ही नहीं है. हमारे पास वह सामग्री प्राप्त हुई नहीं है. हम उसकी राशि किस हिसाब से इनको दे. 2 वर्ष से कोरोना काल के टेंडर नहीं हुए हैं. इस वजह से छोटी मोटी सामग्री का तो कोई वह है ही नहीं, वैसे उसके भी हम बिल लगाते हैं. और वह सामान उपलब्ध होता है. किसी भी फर्जी बिल का भुगतान क्यों करें ?प्राचार्य का कहना है, इन्होंने मेरे ऊपर आईटीआई भी लगाया है, जिसका हमने निष्पक्ष जांच कराकर, इन को सौंप दी है. मुझे इस षड्यंत्र में फसाया जा रहा है, एवं अगर किसी भी प्रकार से मैं दोषी पाया जाता हूं तो, मुझ पर कार्यवाही हो, मैं इसकी निष्पक्ष जांच चाहता हूं. वहीं स्टाफ के प्राचार्य से पूछा गया तो, उनका कहना है, पूरे दिन में ही हैंडल करता हूं, और जब मैंने यह बिल देखे, और इतनी सारी राशि देखी तो, इस हिसाब से तो कॉलेज में कोई सामग्री आई ही नहीं है. तो हम इनका भुगतान किस हिसाब से करें, हमें तो हर चीज उपलब्ध होने के बाद ही, उस चीज का बिल पास करने का आदेश है. विद्यालय के छात्र-छात्राओं से जब पूछा गया, आपको किसी भी प्रकार की अनियमितता या, प्राचार्य प्रतिदिन समय पर आते हैं या नहीं तो, छात्र छात्राओं का यही कहना रहा, प्रिंसिपल सर एवं पूरा स्टाफ प्रतिदिन समय पर आता है. एवं समय पर ही जाता है. ऐसी कोई भी समस्या आज तक, महाविद्यालय में देखने को नहीं मिली. हम विद्यालय में सुरक्षित हैं एवं, हमें किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है.