प्रदेश के परियोजना अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों की, लंबे समय से लंबित महत्वपूर्ण मांगे पूरी नहीं होने के कारण, दिनांक 21 मार्च 2022 से कामबंद हड़ताल पर जाने हेतु आवेदन दिया।
जिलाध्यक्ष रीना गणावा ने बताया, हमारी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर, आज अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का आवेदन दिया है, हमारी प्रमुख मांगे हैं परियोजना अधिकारी कि ग्रेड पे 3600 रुपए से बढ़ाकर, 4800 रुपए की जाए, पर्यवेक्षकों का ग्रेड पे 2400 रुपए से बढ़ाकर, 3600 रुपए किया जाए, परियोजना अधिकारी को सामान्य प्रशासन, पुलिस, वित्तविभाग की तरह चार स्तरीय टाइम स्केल दिया जावे, पर्यवेक्षकों का नियमित प्रमोशन करके परियोजना अधिकारी के रिक्त पद भरे जाएं, और वर्तमान में विगत 30 वर्षों से अनेक पर्यवेक्षक, एक ही पद पर पदस्थ हैं। पर्यवेक्षक को पूरे सेवाकाल में तीन प्रमोशन दिए जावे, परियोजना अधिकारी को आहरण सवितरण अधिकार पुनः देकर, विकेंद्रीकरण किया जावे, प्रदेश में वर्ष 2007 से 2010 में व्यापम परीक्षा से, संविदा पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई थी, उनके बाद से विभाग में संविदा पर्यवेक्षकों की नियुक्ति बंद कर दी गई है, अतः प्रदेश में शेष बचे संविदा पर्यवेक्षकों को नियमित किया जावे, क्योंकि यह सभी व्यापम परीक्षा उत्तीर्ण है, एवं 10 वर्षों से अधिक का विभागीय अनुभव भी प्राप्त है, विकासखंड सशक्तिकरण अधिकारी के पद नाम से प्रभारी शब्द हटाया जावे, एवं विकासखंड सशक्तिकरण अधिकारी के 313 स्वीकृत पदों को, समर्पित कर के उतनी ही राशि से हर जिले में सहायक संचालक ट्रेनिंग का पद, सर्वजीत किया जावे, इससे शासन पर कोई भी वित्तयभार नहीं आएगा, एवं प्रमोशन चैनल खुलेगा, पर्यवेक्षको को प्रतिमाह भ्रमण के आधार पर, नियमित यात्रा भत्ता प्रदान किया जावे, वर्ष 2014 के बाद के सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों, विकासखंड महिला सशक्तिकरण अधिकारी की परिवीक्षा अवधि समाप्त की जावे।
उपरोक्त मांगों को पूरा करने के लिए, परियोजना अधिकारी संघ पर्यवेक्षक संघ द्वारा विगत वर्षों में विभागीय मंत्री महोदय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव महोदय, प्रमुख सचिव महिला बाल विकास विभाग एवं आयुक्त महोदय को अनेक बार ज्ञापन दिए गए हैं, लेकिन किसी भी स्तर से उक्त मांगों का निराकृत नहीं किया गया, जिससे दोनों केडर के अधिकारियों मैं बेहद निराशा असंतोष है। माननीय मुख्यमंत्री महोदय आप स्वयं महिलाएं बाल विकास विभाग के भारसाधक मंत्री भी हैं। अतः कृपया अतिशीघ्र उक्त मांगों को पूर्ण करने का कष्ट करें। उपरोक्त मांगे पूरी नहीं होने पर, प्रदेश के परियोजना अधिकारी संघ एवं पर्यवेक्षक संघ द्वारा दिनांक 21 मार्च 2022 से संपूर्ण कार्य बंद करते हुए, अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।