अंधाधुंध बिजली कटौती ने ग्रामीणों को रुलाया खून के आंसू-आँचलिक ख़बरें-अश्विनी कुमार श्रीवास्तव

News Desk
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चित्रकूट।उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार भले ही किसानों की आय दोगुनी करने के दावे कर रही हो लेकिन किसानों को देने वाली बिजली सप्लाई की बात करें तो किसानों के लिए बिजली का बिल मुसीबत बनता चला जा रहा है क्योंकि किसानों को बिजली का बिल तो पूरे माह का उतना ही जमा करना पड़ता है जितना बिजली विभाग द्वारा निर्धारित है लेकिन सप्लाई के नाम पर बिजली विभाग आधा धुंध कटौती कर रहा है बिजली कटौती से किसान खून के आंसू रोते नजर आ रहे हैं इसकी जानकारी जिले के आला जिम्मेदार अधिकारियों के साथ उन सफेदपोश धारियों को भी है जो सत्ता पक्ष में आने के लिए चुनाव के समय में आसानी मेंढक की तरह नजर आते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद वह सभी दावे भूल जाते हैं जो चुनाव के समय में ग्रामीणों के पैर पकड़ कर वोट मांगने के लिए हितैषी बनकर बड़बड़ाते नजर आते हैं।
सारा मामला चित्रकूट विकासखंड करबी के भरतकूप बिजली घर का है जहां के ना तो अधिकारियों को यह पता है की बिजली सप्लाई कब दी जाती है और कब कटौती की जाती है कब रोस्टिंग है और कब लाइट फाल्ट हो जाती है आपको सुनकर आश्चर्यजनक लगता होगा लेकिन आपको बता दें कि भरतकूप कस्बा से लेकर घुरेटनपुर से लगे 50 गांव की बिजली सप्लाई इन दिनों भगवान भरोसे चल रही है पहले तो बिजली विभाग रोस्टिंग के नाम पर अंधाधुंध बिजली कटौती करता है फिर जब बिजली सप्लाई की नौबत दिन में आती है तो बिजली विभाग को फाल्ट का बहाना बिजली कटौती करने के लिए मिल जाता है और सप्लाई के समय में बिजली विभाग ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल बिजली व्यवस्था को सुधारने की बात करके बिजली सप्लाई ठप किए रहता है किसानों को यदि किसी भी दिन 10 घंटे की बिजली सप्लाई मिल जाती है तो किसान अपने आप को तो भाग्यशाली महसूस करता है विद्युत विभाग के द्वारा टोल फ्री नंबर और सोशल मीडिया वाले ही कंप्लेन करने के लिए एक जरिया बनाया गया हो लेकिन वहां कंप्लेंट करने के बाद भी बिना समस्या का निस्तारण किए ही बिजली विभाग अपने से शिकायत का निस्तारण करके प्रदेश के उच्च अधिकारियों को जानकारी देकर अपनी पीठ थपथपाते नजर आता है अब बिजली उपभोक्ता जाएं तो जाएं कहां क्योंकि चित्रकूट जिले में अधिकारी सुनता नहीं है अब सभी ग्रामीणों की नजर बिजली उपभोक्ता व किसानों की नजर चित्रकूट जिला अधिकारी पर टिकी है। कि आखिर जिला अधिकारी कब बिना जानकारी दिए हुए बिजली विभाग के फिटर का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और संबंधित क्षेत्रों की जानकारी लेंगे ताकि ग्रामीणों को अपने बिल के अनुसार बिजली सप्लाई तो मिल सके। क्योंकि महोदय वनांचल क्षेत्रों की बिजली सुधारी नहीं बल्कि बीच से काटकर ग्रामीण क्षेत्रों की सप्लाई बाधित कर सभी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति दिखाकर सिर्फ कागजों पर सप्लाई दी जा रही है।

 

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