समारोह में पधारने हेतु जिले से भी समाजजनों को दिया जा रहा आमंत्रण
झाबुआ। संपूर्ण भारत वर्ष में विभिन्न राज्यों में निवासरत बिखरे हुए हिंदू गोर बंजारा लबाना नायकडा समाज कोे संगठित करने, समाज में सनातन हिंदू धर्म संस्कृति को बचाने तथा समा को जागृत करने हेतु आगामी 25 से 30 जनवरी तक महाराष्ट्र प्रदेश के जिला जलगांव के जाम जामनेर गांव गोद्री में सामाजिक महाकुंभ आयोजित किया जा रहा है।
जानकारी देते हुए लबाना समाज के वरिष्ठ भूपेन्द्र नायक, पिटोल ने बताया कि इस आयोजन का भव्य स्वरूप के लिए महाराष्ट्र के गोद्री में भव्य तैयारियां हो चुकी है। समाजजन अधिक से अधिक संख्या में सपरिवार कार्यक्रम में पधारने हेतु महाराष्ट्र, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल, पंजाब, उत्तरांचल, उत्तरप्रदेश आदि राज्यों के सामाजिक संतो, वरिष्ठ लोगों द्वारा सपरिवार आने के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इस आयोजन का धार्मिक स्वरूप काफी भव्य एवं अलौकिक होगा ?
बंजारा लबाना नायकडा समाज का इतिहास
950 वर्ष से लिखी जा रही लबाना समाज की वंशावली (पोथी) और पौराणिक कथाओं के अनुसार अपने सपनों को सच करने के लिए इन समाज के लोगों द्वारा संपूर्ण भारत वर्ष में घूम-घूम कर नमक का व्यापार करने लगे नमक का व्यापार करने के लिए बंजारा लबाना समाज के लोग बैल गाड़ियों से गांव गांव जाकर व्यापार करते थे। इन समाज के दो महान महापुरुष रहे, बाबा मखन शाह लबाना और बाबा लक्खी शाह। बंजारा हुए प्राचीन में यह जातियां व्यापार करते-करते समय बीतने के अनुसार घुमंतू, विमुक्त घुमक्कड़ जातियों के अंतर्गत आने वाला समय बीतता गया वैसे-वैसे समाज बिखरता गया। जहां व्यापार करने लगे, उसी राज्यों में बस गए। जहां बसे वही की संस्कृति को अपनाकर सामाजिक तौर पर बस गए, परंतु अब धीरे-धीरे समाज शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़।ा धर्म-कर्म के साथ समाज में जागरूकता एवं संचार माध्यम से संपूर्ण भारत देश के 19 राज्यों में बंजारा लबाना नायकड़ा समाज के लोग रहते है। विगत 15 वर्षों में संचार क्रांति एवं आपसी जान-पहचान और जुड़ाव होता जा रहा है और पिछले समय में कई वर्षों में कई छोटे-मोटे सभी राज्यों के लोगों के सामाजिक सम्मेलन हुए है। जिसके अंतर्गत ही महाराष्ट्र के गोद्री में भव्य सामाजिक धार्मिक-महाकुंभ होने जा रहा है।
सामाजिक महाकुंभ में यह होंगे आकर्षण
नायक ने आगे बताया कि 25 से 30 जनवरी को गोद्री होने वाले महाकुंभ में समाज के इतिहास की पुस्तक के अलग अलग राज्य में निवासरत लोगों का रहन-सहन वेशभूषा, सामाजिक पुराने रीति रिवाजख् खेल तथा देशभर के प्रसिद्ध संत शिरोमणि शंकराचार्य एवं संतों द्वारा प्रवचन, महापुरुषों के आशीर्वादख् बंजारा लबाना नायकड़ा समाज के रीति-रिवाजों का प्रस्तुतीकरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं संतो के साथ समाज के प्रबुद्ध बुद्धिजीवीयो द्वारा संबोधन होगा एवं समाज को एक सूत्र और एक माला में पिरोने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
इस प्रकार दे रहे है समाज को आमंत्रण
लबाना बंजारा नायकड़ा समाज के वरिष्ठ समाजजनों के साथ सभी राज्यों के संतो धर्म गुरुओ द्वारा सामाजिक रूपरेखा एवं कार्यक्रम की संपूर्ण जानकारी वाला पोस्टर एवं छोटे-छोटे पंपलेट स्टीकर लेकर सभी राज्यों के शहरों, गांवों में जाकर सामाजिक छोटी बैठक करके एवं समाज के बड़े सामाजिक आयोजनों में जाकर आमंत्रण दे रहे है। जिसमें बंजारा समाज के धर्मगुरू बाबूसिंहजी महाराज वृंदावन धाम, पपू गोपाल चैतन्य महाराज तेलंगाना, लबाना समाज से महंत 1008 श्री रामसिंहजी महाराज एवं पपू सुरेशचंद्रजी महाराज, मप्र से गुरु साहेब धाम मलाजपुर से 1008 श्रीश्री चंद्र सिंगजी महाराज, महाराष्ट्र से श्याम चैतन्यजी महाराज एवं देश के विभिन्न राज्यों में जाकर धर्म जागरण के लिए आमंत्रित कर रहे है। वहीं मप्र, गुजरात एवं राजस्थान के लिए सुरेशचंद्र महाराज आकर आमंत्रण दे रहे है।
समाज की एकजुटता के लिए होंगे प्रयास
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में वर्तमान समय के परिवर्तन के दौर के साथ चलना पुरानी रीति-रिवाजों को आज की परिवेश के अनुसार बदलना आवश्यक है। वहीं समाज में एकजुटता के लिए प्रयास कर गोर बंजारा लबाना नायकड़ा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रयास होंगे। इस कार्यक्रम में सभी राज्यों से आने वाले समाजजनों को ठहरने एवं भंडारे की व्यवस्था महाराष्ट्र के साथ सभी राज्यों के समाजजनों के सहयोग से की जाएगी। उक्त समारोह में झाबुआ जिले से भी बड़ी संख्या में समाज के लोग सहभागिता करेंगे। पिटोल, रंभाुपर सहित पूरे जिले में भी उक्त आयोजन को लेकर प्रचार-प्रसार एवं आमंत्रण-पत्रों के वितरण का कार्य जोर-शोर से जारी है।