गोलपाड़ा बाला जी मंदिर में नहीं है दान पेटी यहां नकदी चढ़ाना है मना। संकट मोचन हनुमान बालाजी मंदिर गोल पाड़ा अंचल का एक ऐसा है मंदिर जहां भक्तों की भीड़ लगी रहती है मंदिर को कोराना काल में भी बंद नहीं किया गया जहां 4 मई 2020 से राम मंदिर निर्माण में बाधा ना आए के लिए प्रतिदिन हवन यज्ञ जारी है हर शनिवार मंगलवार को हनुमान जी महाराज को चोला श्रंगार किया जाता है हर मंगलवार हनुमान जी महाराज को सवा मन का भोग लगता है भंडारा प्रसादी आयोजित होती है प्रत्येक माह के पहले सोमवार को अखंड रामायण का पाठ प्रारंभ होता है प्रतिदिन सुंदरकांड का पाठ होता है लेकिन दान दक्षिणा चढ़ाना सख्त मना है मंदिर के चरण सेवक जगबीर दास तोमर का कहना है कि दान दक्षिणा का पूजा पाठ से कोई संबंध नहीं होता ईश्वर भाव से विश्वास से प्रेम से प्रसन्न होता है दान दक्षिणा से नहीं दान दक्षिणा केवल मंदिर की व्यवस्थाओं के लिए होती है और जब वह अधिक हो जाती है तो पुजारी माया के चक्कर में पड़ जाता है और पूजा-पाठ भूल जाता है जहां ट्रस्ट होता है वहां झगड़े होते हैं और मंदिर अखाड़ा बन जाता है सेवक जगबीर दास के द्वारा सामाजिक अंधविश्वास एवं धार्मिक आडंबरों का विरोध भी किया जाता है और समाधान भी किया जाता है हम लोग भेष देख कर किसी को भी महाराज कहने लगते हैं और उसे पूजने लगते हैं गोल पाड़ा मंदिर में किसी भी सेवक पुजारी को सम्मान देना मना है। आस्था और विश्वास की प्रतीक मूर्तियां ही सर्वोपरि हैं सेवक का कहना है कि मूर्तियों को ईश्वर मानकर उनकी आराधना करना चाहिए और आत्म शक्ति प्राप्त कर अपने जीवन को प्रसन्नदायक और सफल बनाना चाहिए
गोलपाड़ा बाला जी मंदिर में नहीं है दान पेटी-आंचलिक ख़बरें-विनोद गुप्ता
