करोड़ों की संपत्ति हड़पने की योजना: नौकरानी ने मालकिन बनने के लिए किया भयानक षड्यंत्र
झांसी में खौ़फनाक मामला, पुलिस कार्रवाई से बच रही अपराधी
झांसी, उत्तर प्रदेश: एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां एक नौकरानी ने लाखों रुपए की संपत्ति हड़पने के लिए अपने मालिक की मृत्यु के बाद एक खतरनाक षड्यंत्र रच डाला है। यह मामला झांसी के प्रेम नगर थाना क्षेत्र के राजगढ़ गांव से जुड़ा हुआ है, जहां एक व्यक्ति ने पुलिस से शिकायत की है कि उसकी नौकरानी ने अपने मालिक की संपत्ति को हड़पने के लिए एक खतरनाक योजना बनाई। इस घटना ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है और यह एक गंभीर मामला बन गया है।
मामला
नज़ीर अहमद, जो मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद का निवासी है, ने अपनी शिकायत में बताया कि उसका छोटा भाई तौकीर अहमद 2017 में झांसी आया था। तौकीर ने माताटीला से झांसी तक पानी की पाइपलाइन का काम करने का निर्णय लिया और कुछ समय बाद राजगढ़ में एक मकान और संपत्तियां बना लीं। परिवार की देखभाल के लिए उसने पिंकी अहिरवार नामक एक नौकरानी को रखा था। पिंकी, जो खुद राजगढ़ की निवासी है, पूरे घर का ख्याल रखती थी और घर के सभी दस्तावेजों की जानकारी रखती थी।
नौकरानी ने अपनाया एक खतरनाक रास्ता
30 सितंबर 2024 को तौकीर अहमद की कैंसर से मृत्यु हो गई। उसकी मृत्यु के बाद, पिंकी ने उस संपत्ति पर कब्जा करने की योजना बनाई, जो तौकीर की थी। पिंकी ने अपनी योजना को अंजाम देने के लिए एक फर्जी निकाह नाम, मृत्यु प्रमाण पत्र और आधार कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज़ तैयार किए। इसके बाद, पिंकी ने खुद को तौकीर अहमद की पत्नी के रूप में पेश किया और कूटनीतिक दस्तावेजों को तैयार किया।
पुलिस की चुप्पी और कानून की स्थिति
नज़ीर अहमद को जब इस धोखाधड़ी का पता चला, तो उसने तुरंत पुलिस के आला अधिकारियों को सूचित किया और इसके बारे में पूरी जानकारी भेज दी। उसने प्रेम नगर थाना पुलिस को भी सूचना दी, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। ना ही मुकदमा दर्ज किया गया। इस पर नज़ीर ने यह आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।
नौकरानी ने रची पूरी साजिश
पिंकी अहिरवार ने अपनी इस साजिश को पूरी तरह से चुपके से अंजाम दिया था। उसके द्वारा किए गए धोखाधड़ी के दस्तावेज और योजनाओं का उद्देश्य केवल संपत्ति हड़पना था। यह तो साफ है कि पिंकी ने तौकीर की मौत का फायदा उठाने के लिए उसे फर्जी दस्तावेजों के सहारे उसकी संपत्ति पर कब्जा करने की योजना बनाई। इस मामले में नज़ीर अहमद का आरोप है कि उसकी भाई की हत्या भी पिंकी के ही हाथों हुई है, ताकि उसे इस संपत्ति पर अधिकार मिल सके।
क्या पुलिस से न्याय मिल पाएगा?
इस मामले में नज़ीर अहमद का कहना है कि उसकी शिकायत को नजरअंदाज किया जा रहा है। उसने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। वह यह भी मानता है कि अगर जल्द ही पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो उसकी संपत्ति पर पिंकी का कब्जा हो जाएगा और इस धोखाधड़ी के आरोपी को सजा नहीं मिल पाएगी। वह पूरी तरह से विश्वास करता है कि पिंकी ने उसके भाई की हत्या की है, ताकि वह सारी संपत्ति अपने नाम कर सके।
न्याय के लिए संघर्ष
नज़ीर अहमद ने इस मामले को लेकर अदालत से भी गुहार लगाई है। उसे उम्मीद है कि जल्द ही उसे न्याय मिलेगा। उसने यह भी बताया कि यदि पुलिस तत्काल कार्रवाई नहीं करती है, तो वह इस मामले को उच्च अधिकारियों तक लेकर जाएगा। नज़ीर का कहना है कि पिंकी और उसके परिवार ने जिस तरह से उसकी संपत्ति पर कब्जा करने के लिए षड्यंत्र रचा है, वह एक बहुत गंभीर अपराध है और पुलिस को इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
पुलिस की भूमिका और जांच
हालांकि पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। पुलिस ने यह भी कहा है कि आरोपी के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे। लेकिन सवाल यह उठता है कि जब शिकायत दर्ज कराई गई थी और पूरे मामले में ठोस सबूत मौजूद हैं, तो पुलिस ने इतनी देर क्यों लगाई? क्या किसी बड़े दबाव के कारण पुलिस कार्रवाई में देरी कर रही है?
आखिरकार क्या होगा न्याय?
नज़ीर अहमद का कहना है कि यह मामला अब उसकी संघर्ष का प्रतीक बन गया है। वह चाहता है कि पुलिस और न्यायिक प्रणाली से उसे जल्द ही न्याय मिले। साथ ही, उसका यह भी कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं और इस पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
राजगढ़ में हुई इस घटना ने यह साबित कर दिया कि कैसे एक नौकरानी ने अपने मालिक की संपत्ति पर कब्जा करने के लिए एक खतरनाक और कुटिल योजना बनाई। हालांकि पुलिस और प्रशासन के स्तर पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन यह मामला अब न्याय की उम्मीदों और पुलिस की लापरवाही के खिलाफ एक संघर्ष बन चुका है। यह घटना समाज में न्याय और कानून की अहमियत को फिर से उजागर करती है, और यह भी साबित करती है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से काम करें, अंततः सत्य की जीत होती है।