शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमले से बंगाल की सियासत गरमाई, मामला पहुंचा केंद्र तक

Anchal Sharma
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shubhendu adhikari

भाजपा का TMC पर गंभीर आरोप, गृह मंत्रालय ने शुभेंदु अधिकारी के कार्यालय से मांगी रिपोर्ट

डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा सांसद शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर कथित हमले के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस मामले ने अब राज्य की सीमाएं पार कर ली हैं और सीधे केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुभेंदु अधिकारी के कार्यालय से पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब की है।

गृह मंत्रालय ने मांगी विस्तृत जानकारी

भाजपा नेताओं के अनुसार, हमले से जुड़ी पूरी जानकारी, तस्वीरें और वीडियो फुटेज एकत्र की जा रही हैं, जिन्हें जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपा जाएगा। इसके साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि अब यह मामला केंद्र की निगरानी में है।

FIR न होने पर भाजपा का सवाल

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर सीधे आरोप लगाए हैं। भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला हुआ, मौके पर पुलिस मौजूद थी, लेकिन इसके बावजूद FIR दर्ज नहीं की गई।

ममता बनर्जी पर निशाना

रवि शंकर प्रसाद ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से सवाल करते हुए कहा कि जब वह आई-पैक के कार्यालय गई थीं, तब उन्होंने खुद कहा था कि वह मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि टीएमसी अध्यक्ष के तौर पर वहां गई हैं। भाजपा सांसद ने सवाल उठाया कि एक मुख्यमंत्री किसी निजी कार्यालय में किस मजबूरी में जाती हैं और वहां से ग्रीन फाइल लेकर क्यों निकलती हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस दौरान पुलिस आयुक्त और डीजीपी की मौजूदगी यह दर्शाती है कि पुलिस सरकार के इशारे पर काम कर रही है।

पुरुलिया से लौटते वक्त हुआ हमला: शुभेंदु अधिकारी

घटनाक्रम को लेकर शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि शनिवार को पुरुलिया से लौटते समय टीएमसी समर्थकों ने उनके काफिले पर हमला किया। इसके बाद उन्होंने चंद्रकोना पुलिस स्टेशन में धरना दिया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

धरने पर डटे शुभेंदु अधिकारी

सोशल मीडिया पोस्ट में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जनता के बढ़ते गुस्से और अपनी कमजोर राजनीतिक स्थिति के कारण टीएमसी हिंसा और गुंडागर्दी पर उतर आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई और जवाबदेही तय नहीं होती, वह धरने से नहीं उठेंगे। साथ ही उन्होंने जनता से लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था की रक्षा के लिए आवाज बुलंद करने की अपील की है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ते तनाव के बीच अब सबकी नजर केंद्र सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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