पहाड़ / देवभूमि पर पुष्कर राज
उत्तराखंड को मिला यंग CM , 45 साल के धामी नए मुख्यमंत्री, शपथ लेने वाले 11 मंत्री
देहरादून / उत्तराखंड :उत्तराखंड के भाजपा विधायक धन सिंह रावत ने कहा कि केवल पुष्कर सिंह धामी शपथ लेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि कही कोई नाराजगी नहीं है मुझे नहीं लगता उत्तराखंड में कोई नाराज होगा। सभी पार्टी के निर्णय से खुश हैं।
पुष्कर सिंह धामी को नया सीएम चुनने पर पार्टी के विधायकों में नाराजगी पर धन सिंह रावत ने कहा कि इस फैसले से उत्तराखंड में हर कोई खुश है। आज ही सीएम (पुष्कर सिंह धामी) लेंगे शपथ। साथ ही कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत ने कहा कि पुष्कर सिंह धामी को भाजपा ने बागडोर सौंपी है तो निश्चित रूप से कोई अच्छा परिवर्तन दिखाई देगा। पूरी सरकार धामी जी के साथ खड़ी रहेगी। बैठक में चुनाव लड़ने का तरीका तय किया गया है उसी पर हम चलेंगे। केवल सीएम का चेहरा बदला है बाकि सोच भाजपा की है। बता दें कि विधानसभा चुनावों से कुछ ही महीने पहले उत्तराखंड में नाटकीय घटनाक्रम में शनिवार को युवा भाजपा विधायक पुष्कर सिंह धामी को प्रदेश का नया मुख्यमंत्री चुन लिया गया। वह रविवार को पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे
45 साल के पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वे राज्य के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री हैं। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने उन्हें शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री के बाद सतपाल महाराज, हरक सिंह रावत, डॉ. धन सिंह रावत, बंशीधर भगत, यशपाल आर्य, सुबोध उनियाल, अरविंद पांडेय, बिशन सिंह, गणेश जोशी, रेखा आर्य और यतीश्वरानंद ने मंत्री पद की शपथ ली। ये सभी पहले भी मंत्रिमंडल में शामिल थे।
मुख्यमंत्री बनते ही धामी एक्शन में आ गए हैं। उन्होंने रात आठ बजे कैबिनेट की पहली बैठक बुलाई है। उनके सामने खुद से काफी सीनियर मंत्रियों को साधने की चुनौती है। शनिवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में धामी के नाम पर सहमति बनी थी। शपथ से पहले धामी मंच से उतरकर वरिष्ठ मंत्री सतपाल महाराज से मिलने भी गए। सतपाल महाराज धामी को CM बनाने से नाराज बताए जा रहे थे।
कभी मंत्री नहीं रहे, सीधे मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे धामी
पिथौरागढ़ में जन्मे 45 साल के पुष्कर सिंह धामी राज्य के सबसे कम उम्र के CM हैं। दो बार के विधायक धामी कभी उत्तराखंड सरकार में मंत्री नहीं रहे, लेकिन अब सीधे मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे। पत्रकारों से बातचीत करते उन्होंने कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता को राज्य की सेवा का मौका देने के लिए वे पार्टी हाईकमान के शुक्रगुजार हैं। बहुमत के बावजूद लगातार नेतृत्व की अस्थिरता से जूझ रही भाजपा ने मुख्यमंत्री बदलने का फैसला लिया था।
शपथ ग्रहण से पहले पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से मुलाकात की।
शुक्रवार को तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के बाद शनिवार को भाजपा विधायक दल की बैठक हुई थी। इसमें केंद्रीय ऑब्जर्वर के तौर पर नरेंद्र सिंह तोमर और डी पुरंदेश्वरी मौजूद थे। बैठक में तीरथ सिंह रावत और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन कौशिक ने खटीमा से विधायक पुष्कर सिंह धामी का नाम प्रस्तावित किया। इस पर केंद्रीय पर्यवेक्षक की भी सहमति के बाद किसी दूसरे नाम का प्रस्ताव ही नहीं आया।देहरादून में शनिवार को भाजपा विधायक दल की बैठक में पुष्कर सिंह धामी के नाम का ऐलान होने के बाद पार्टी नेताओं ने एकजुटता दिखाई।
धामी गरीब परिवार में जन्मे पुष्कर सिंह धामी का जन्म 16 सितंबर 1975 को पिथौरागढ के टुण्डी गांव में हुआ था। उनके पिता सैनिक थे। तीन बहनों के बाद घर का अकेला बेटा होने की वजह से परिवार की जिम्मेदारियां उन पर हमेशा बनी रहीं।
ABVP और युवा मोर्चा में काम कर चुके हैं
धामी ने मानव संसाधन प्रबंधन और औद्योगिक संबंध में मास्टर्स किया है। वे 1990 से 1999 तक ABVP में अलग-अलग पदों पर काम कर चुके हैं। धामी 2002 से 2008 तक युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष भी रहे हैं। वहीं 2010 से 2012 तक शहरी विकास परिषद के उपाध्यक्ष रहे। वे 2012 में पहली बार विधायक चुने गए थे। उनकी अगुआई में ही प्रदेश सरकार ने स्थानीय युवाओं को राज्य के उद्योगों में 70% आरक्षण दिलाने में सफलता हासिल की। RSS और कोश्यारी के करीबी हैं धामी को RSS का करीबी माना जाता है। वे महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के भी नजदीकी हैं। धामी के बारे में राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ये एक ऐसा नाम है जो हमेशा विवादों से दूर रहा है। पुष्कर सिंह धामी भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर काफी जोर-शोर से आवाज उठाते रहे हैं। युवाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
जातीय संतुलन भी धामी के पक्ष में गया
राजपूत समुदाय से आने वाले धामी राज्य के तेजतर्रार नेताओं में शुमार हैं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पुष्कर सिंह धामी को सीएम बनाकर जातीय समीकरण भी साधने की कोशिश की गई है। तीरथ सिंह रावत के मुख्यमंत्री बनने के वक्त भी पुष्कर सिंह धामी का नाम रेस में शामिल रहा था। धामी राज्य के और मुख्यमंत्रियों के मुकाबले युवा हैं। उनका युवा होना भी उनके मुख्यमंत्री चुने जाने के पक्ष में गया है
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को देहरादून के बीजापुर सेफ हाउस में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
शपथ के बाद पुष्कर सिंह धामी ने बताया प्लान
——- मैं युवाओं के बीच काम करता रहा हूं और मुद्दों को अच्छी तरह समझता हूं। कोरोना ने उनकी जिंदगी पर असर डाला है। हम उनके लिए हालात को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे। राज्य में खाली पदों पर नौजवानों को अपॉइंट करने की कोशिश की जाएगी। कुछ मुश्किलें हैं लेकिन, राज्य में टूरिज्म और चार धाम यात्रा फिर से शुरू करना हमारे लिए बहुत जरूरी है। मेरी उम्र कम है। यहां हर कोई अनुभवी है। मेरी पार्टी के लिए, जिसने मुझे यह मौका दिया है, मेरा कर्तव्य है कि मैं नए और पुराने सदस्यों को एक साथ रखूं। पार्टी और राज्य के काम को आगे बढ़ाऊं।