1990 में झाबुआ से कश्मीर आंदोलन में 118 कार्यकर्ता गए थे।
14 मार्च को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व कार्यकर्ता, जो कश्मीर आंदोलन में गए थे, उन्हें सपरिवार द काश्मीर फ़ाइल फ़िल्म देखने के लिये आमंत्रित किया गया. साथ ही शारदा समूह की विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े, सवा सो से अधिक शिक्षकों और कार्यकर्ताओं को भी आमंत्रित किया गया. फ़िल्म प्रदर्शन के पूर्व इस आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले, ओमप्रकाश शर्मा ने 11 सितम्बर 1990 के आंदोलन का प्रत्यक्ष वर्णन किया. उस समय झाबुआ ज़िले से 118 कार्यकर्ता कश्मीर गये थे. जिसमें 9 छात्राएँ भी थी ,पूर्व भाजपा ज़िला अध्यक्ष शैलेश दुबे ने, उस परिस्थिति का वर्णन किया , जो कश्मीरियों पर बीती थी, किरण शर्मा ने बताया की पूरे शहर में हम सबको तिलक लगा कर विदा किया था, ऐसा लगा जैसे युद्ध के लिये जा रहे है ।
फ़िल्म के दौरान भारत माता की जय के नारे लगाए गए, अंत में राष्ट्र गान हुआ । कश्मीर आंदोलन में सहभागी रहे भरत व्यास , हेमेंद्र चौहान , धर्मेंद्र मालवीय आदि उपस्थित रहे ।

