केन्द्रीय खाद्य प्र-संस्करण, उद्योग एवं जल शक्ति राज्यमंत्री ने सतना में की संभागीय समीक्षा-आँचलिक ख़बरें-मनीष गर्ग

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परियोजना के कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करें- प्रहलाद सिंह पटेल

सतना भारत सरकार के खाद्य प्र-संस्करण, उद्योग एवं जल शक्ति विभाग राज्यमंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की वर्ष 2024 तक देश के हर घर में नल से जल देने की जल जीवन मिशन महत्वाकांक्षी योजना है। बड़ी परियोजनाओं के कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाने चाहिए। केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री पटेल शुक्रवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय सतना के सभाकक्ष में रीवा संभाग के जिलों में जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, आत्मनिर्भर भारत, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्र-संस्करण योजना, वन डिस्ट्रिक-वन प्रोडक्ट की संभागीय समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर सांसद सतना गणेश सिंह, कलेक्टर अनुराग वर्मा, पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, सीईओ जिला पंचायत डॉ परीक्षित राव, अपर कलेक्टर सतना राजेश शाही, रीवा शैलेंद्र सिंह सहित जल निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उद्यानिकी, एग्रो, कृषि विभाग के संभागीय एवं जिला अधिकारी उपस्थित थे।
जल शक्ति केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री पटेल ने सतना जिले की बाणसागर ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना, रीवा की कंदैला रीवा ग्रामीण समूह जल प्रदाय, सिंगरौली की प्रथम एवं द्वितीय बैढ़न ग्रामीण समूह जल प्रदाय, गोंड़ देवसर ग्रामीण समूह जल प्रदाय और सीधी की मझौली जल प्रदाय योजना की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। बताया गया कि सतना-बाणसागर ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना से 1019 ग्राम कवर हो रहे हैं। परियोजना की लागत 1135 करोड़ रुपए है और परियोजना का कार्य 77 प्रतिशत पूरा हुआ है। संपूर्ण परियोजना 31 मार्च 2023 में पूर्ण करना संभावित है। रीवा कंदैला योजना से 113 ग्राम कवर होंगे और 123 करोड़ की योजना का 92 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। सिंगरौली में बैढ़न प्रथम परियोजना से 283 गांव का कवर होंगे। 637 करोड़ लागत की परियोजना में 18 प्रतिशत काम हुआ है। जनवरी 2024 तक योजना कंप्लीट होगी। इसी प्रकार 261 करोड़ की बैढ़न द्वितीय योजना में 193 गांव कवर होंगे। योजना में 19 प्रतिशत काम हुआ है। संपूर्ण योजना 13 मार्च 2024 तक कंप्लीट होगी। सिंगरौली में 470 करोड़ की गोंड़-देवसर योजना से 213 ग्राम कवर होंगे। परियोजना में 19 प्रतिशत कार्य हुआ है। योजना कार्य 11 जुलाई 2023 तक पूरे कर लिए जाएंगे। सीधी जिले की 25 ग्रामो को कवर करने वाली 69 करोड़ लागत की परियोजना का काम 100 प्रतिशत पूरे कर लिए जाने की जानकारी दी गई। केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि जब तक पूर्ण हो चुकी योजनाओं का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन नहीं होगा, तब तक भारत सरकार द्वारा योजना को पूर्ण नहीं माना जाएगा।
केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि सबसे पहली चुनौती परियोजना कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने की है। इसके बाद इन योजनाओं को संचालन के लिए समुदाय और ग्राम पंचायतों को दिया जाना है। परियोजना के कार्य पूर्ण होने से पहले ही भविष्य में संचालन करने वाले समूहों को आवश्यक प्रशिक्षण एवं प्लंबर आदि की स्थानीय उपलब्धता के लिए युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाए।
सांसद श्री गणेश सिंह ने बताया कि सतना जिले के 5 विकास खंडों के 1019 गांवों को पेयजल पहुंचाने बाणसागर ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना स्वीकृत है, जिसकी पूर्णता अवधि 30 माह थी। रामनगर विकासखंड से पानी पहाड़ के इस पार लाने गोरसरी पहाड़ मे टनल का काम चल रहा है। टनल का कार्य अभी 10 प्रतिशत हुआ है। मैनुअल सुरंग में 130 मीटर की खुदाई हुई है। जबकि 1500 मीटर की टनल बनाई जानी है। इसके अलावा जिले के शेष तीन विकासखंडों के 785 गांवों के लिए 1874 करोड़ की बाणसागर द्वितीय ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना बनाई गई है। इस परियोजना को राज्य स्तर से स्वीकृति दी जाकर केंद्र सरकार को भेजा गया है। उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री से बाणसागर द्वितीय फेज की योजना को स्वीकृति दिलाने और बरगी दाईं तट नहर में स्लीमनाबाद की टनल निर्माण की रुकावट को दूर करने और कार्य में और अधिक तेजी लाने केंद्रीय सरकार के मंत्रालय स्तर पर भी समीक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान बरगी का पानी सतना लाने के संकल्प को शीघ्र पूरा करने निरंतर समीक्षा कर रहे हैं। बरगी के नहर निर्माण कार्य में भी तेजी आई है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा बताया गया कि जल जीवन मिशन के तहत रीवा मंडल के 4 जिलों में कुल 1466 स्कीम निर्माण की जा रही है। जिनसे 4 लाख 30 हजार 136 घरों को टोटी के नल से पेयजल पहुंचाया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन में बताया गया कि रीवा संभाग के जिलों में सामुदायिक स्वच्छता परिसर निर्माण के लक्ष्य 865 के विरुद्ध 750 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। संभाग के निर्धारित लक्ष्य 2244 के विरुद्ध अब तक 240 ग्राम ओडीएफ प्लस घोषित हुए हैं। केन्द्रीय राज्यमंत्री ने उपलब्धि के आंकड़े कम बताते हुए इसमें वृद्धि करने के निर्देश दिए। आत्मनिर्भर भारत, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्र-संस्करण योजना और वन डिस्ट्रिक-वन प्रोडक्ट की जानकारी में बताया गया कि सतना में टमाटर के प्र-संस्करण के उद्योग के लक्ष्य 40 के विरुद्ध 11 प्रकरण स्वीकृत किए हैं। रीवा में हल्दी के प्र-संस्करण के 16 प्रकरण, सिंगरौली में टमाटर के 13 प्रकरण खाद्य प्र-संस्करण उद्योग के स्वीकृत हुए हैं। रीवा-सिंगरौली में लक्ष्य 25-25 रहा है। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि वन डिस्ट्रिक-वन प्रोडक्ट के तहत किसानों के प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर उन्हें प्रोत्साहित करें।

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