भरुआ सुमेरपुर( हमीरपुर)नेशनल हाइवे 34 हो या बाँदा राजमार्ग दोनो मार्गो में लोग जाम के झाम से बेचैन है जाम की समस्या दिनोदिन बढ़ती ही जा रही है कम होने का नाम नही ले रही है।प्रतिदिन लोग घण्टो जाम के चुंगल में फंस जाते है जब जाम हटता है तभी राहत मिल पाती है।जाम की समस्या से लोगो को कब राहत मिल पायेगी फिलहाल इसका कोई फार्मूला लोगो की समझ मे नही आ रहा है।
कस्बा सुमेरपुर में जैम की समस्या से लोग बेचैन हो उठे है ऐसा कोई दिन नही जाता जब लोगो को जाम की समस्या से जूझना न पड़ता हो।कस्बा में जाम तो वैसे कई स्थानों पर लग जाता है लेकिन दो प्रमुख स्थान ऐसे ही जहाँ प्रतिदिन जाम लगता है इनमे नेशनल हाइवे 34 में बस स्टैण्ड तिराहा प्रमुख स्थान है यहाँ दिन में कई बार जाम लगता है पुलिस भी जाम खुलवाने के लिए मशक्कत करती है इसके बावजूद घण्टो लोग जाम में फंसे रहते है।लोगो का कहना है कि बस स्टैण्ड तिराहा में जाम लगने के कई कारण है पहला तो यह है कि तिराहा के पास हाइवे के किनारे डग्गामार वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है पुलिस ऐसे वाहनों को हटाने का प्रयास नही करती दूसरा ओवर लोड बालू भरे ट्रक भी जाम का कारण बनते है।यदि इस पर गौर किया जाए टी हो सकता है जाम से कुछ राहत मिल सके।जाम लगने का दूसरा प्रमुख स्थान है रेलवे क्रासिंग गेट बाँदा राजमार्ग पर रेलवे क्रासिंग में जाम की समस्या से लोग जूझते रहते है।लोगो ने बताया कि यहाँ जाम रेलवे फाटक बंद होने के कारण ज्यादतर लगता है और जाम इतना भीषण हो जाता है कि लोग कई घण्टे तक फंसे रहते है।और जब फाटक खुलता है तो सिंगल वाहन ही वहाँ से फुजरने के कारण जाम खुलने में कई घण्टे लग जाते है।बाँदा मार्ग भी प्रतिदिन जाम की समस्या से ग्रसित रहता है।लोगो का कहना है कि इसके अलावा जाम लगने में सड़क की पटरियों पर व्याप्त अतिक्रमण भी इसका कारण बन रहता है।जनपद में जाम की समस्या में कस्बा सुमेरपुर को यदि अब्बल कहा जाये तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी।लोगो ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जाम की समस्या से लोगो को राहत दिलाई जाये।