झुंझुनू।राजस्थान हाईकोर्ट ने तलाकशुदा पुत्री को मृत कर्मचारी कोटे से नियुक्ति नहीं दिए जाने के मामले में दायर याचिका की सुनवाई के बाद,सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव, रजिस्ट्रार,संयुक्त रजिस्ट्रार (प्रशासन) व विशेष लेखा परीक्षक सहकारी समितियां झुंझुनू को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मामले के अनुसार बख्तावरपुरा की दीपिका कुमारी ने एडवोकेट संजय महला के जरिये याचिका दायर कर बताया कि प्रार्थिया के पिता स्वर्गीय मदनलाल कटेवा,झुंझुनू स्थित कार्यालय विशेष लेखा परीक्षक सहकारी समितियां,में ऑडिट इंस्पेक्टर पद पर कार्यरत थे,जिनकी मृत्यु सेवाकाल के दौरान ही 16 नवम्बर 2010 को हो गयी थी। प्रार्थिया उनकी तलाकशुदा पुत्री है,जिसने सहकारी विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आश्रित के रूप में आवेदन किया,जिसे विभाग ने नियमों का हवाला देते हुए,नियुक्ति का हकदार नहीं मानते हुए दिनांक 2 अगस्त 2018 को आवेदन खारिज कर दिया। बहस में एडवोकेट संजय महला ने दलील दी कि वर्तमान में कार्मिक विभाग ने तलाकशुदा पुत्री को आश्रित के रूप में अनुकम्पा नियुक्ति के मामलों में राहत देते हुए नियमो में शिथिलता प्रदान की है।प्रार्थिया अनुकम्पा नियुक्ति पाने की हकदार है।
मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश अशोक कुमार गौड़ ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा ।