भोपाल मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य सरकार पर किसान सम्मान निधि को ‘किसान अपमान निधि’ बना देने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कहा कि पहले राशि बांटना और फिर वसूली के नोटिस भेजना सीधे-सीधे किसानों का अपमान और उत्पीड़न है।
कमलनाथ ने ट्वीट में कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के लगाया आरोप लाखों किसान किसान सम्मान निधि से वंचित
कमलनाथ ने अपने सिलसिलेवार विरुद्ध मोर्चा खोल रखा है। प्रदेश में हजारों हैं। वहीं दूसरी ओर, प्रदेश में किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे किसानों को गांव-गांव में किसान सम्मान निधि की राशि वसूली के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं। सरकार ने किसान सम्मान निधि को किसान अपमान निधि बना दिया है। उन्होंने कहा कि पहले राशि बांटना और फिर वसूली के नोटिस भेजना सीधे-सीधे किसानों का अपमान और उत्पीड़न है। किसानों को जिस समय शादी-ब्याह और दूसरे कार्यों के लिए धन की आवश्यकता थी, उस समय सरकार ने उन्हें एक-एक पैसे के लिए मोहताज कर दिया। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों की समस्याओं पर ध्यान देकर समाधानकारक निराकरण कराएं। उन्होंने कहा कि सरकार को राजहठ त्याग कर किसान विरोधी रवैया छोड़ना चाहिए।