सतना। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश इंदुकांत तिवारी की अदालत ने शुक्रवार को युवा नेता शंभू चरण दुबे समेत 10 लोगों को 5 साल की सजा से दंडित किया है। आरोपितों पर सतना सीमेंट फैक्ट्री परिसर में पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी करने का गंभीर आरोप था। जिस पर अदालत ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया।
यह था मामला : दरअसल 20 दिसंबर 2012 में सतना सीमेंट फैक्ट्री में लगभग 150 लोग नियमितीकरण एवं बोनस के लिए हड़ताल कर रहे थे। इस दौरान सीमेंट फैक्ट्री एवं प्रशासन ने मना करने का प्रयास किया। आरोप है कि 23 दिसंबर 2012 की शाम 5 बजे सतना के युवा नेता शंभू चरण, कन्हैया व वेद प्रकाश ने श्रमिकों उकसाने का काम किया और एकत्र होकर फैक्ट्री के अंदर घुस गए। इस दौरान प्रदर्शनकारी कामकाज बंद कराने का प्रयास तथा पथराव करने लगे थे। आंदोलनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने प्रयास किया।
आरोप यह भी है कि आंदोलनकारियों ने पथराव किया जिससे 12 पुलिसकर्मी और 4 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने यहां पर गाड़ियों में आग लगा दी थी। घटना के बाद कोलगवां पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ धारा 147, 332, 149, 427, 149, 436 व 149 लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1989 के तहत धारा 149 का अपराध दर्ज किया था।
इन्हें सुनाई गई सजा : अदालत ने जिन लोगों को 5 साल की सजा से दंडित किया है उसमें शंभू चरण दुबे, कन्हैया सिंह, वेद प्रकाश पांडे, ओमप्रकाश सिंह, राकेश दहिया, शिव शंकर पासवान, अनिल पांडे, विशेषर साकेत संजय अग्निहोत्री और हीरालाल कोल शामिल है, इसी तरह परमवीर सिंह जो भगोड़ा आईपीएस थे सच सामने कभी ना कभी आता है सूत्रों द्वारा डी आई जी डी पी के केस में पत्रकार तो बेगुनाह छूट गया और उसी पत्रकार ने टीआई का भी ट्रांसफर शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री से कहकर करवा दिया पर हाई प्रोफाइल केस में एसडीएम टीआई वा डीआईजी को बहुत महंगा पड़ जाएगा क्योंकि पत्रकार ने10000000 रुपए का मानहानि का केस बा मुख्यमंत्री से अखिल भारतीय महासभा से भूतपूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से आश्वासन मिला है कि आज तक 24 * 7 के पत्रकार को न्याय जरूर मिलेगा वा दोषी लोगों को सजा मिलेगी , यह जानकारी सूत्रों द्वारा प्राप्त हुई है

