राष्ट्रीय ग्रामीण पत्रकार संघ ने सौंपा एसपी को ज्ञापन
सतना नयाइंडिया सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकारो के बारे में स्पष्ट निर्देश देती है कि अगर पत्रकारों को तथ्य हीन झूठे मुकदमों में फंसाया गया तो उस प्रदेश के डीजीपी जिम्मेदार होंगे ।
लेकिन मध्यप्रदेश के सतना जिले में पुलिस ऐसा नहीं मानती आश्चर्य है कि जिले का अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र पत्रकारों की प्रताड़ना का केंद्र बन गया है क्षेत्र में आए दिन पत्रकारों पर फर्जी प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं व पत्रकारों को प्रताड़ित किया जा रहा है ऐसा ही एक मामला रामनगर थाने का है जहां पर एक कैदी की मौत के जिम्मेदार टीआई जो खुद जेल में थे आज थाना चला रहे हैं उनके द्वारा पत्रकार दैनिक विध्यं विचार के पत्रकार शांतनु सिंह बघेल के खिलाफ फर्जी प्रकरण दर्ज किया गया है।
उल्लेखनीय है कि शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय गंजास स्कूल में कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर रहे शिक्षक के खिलाफ कवरेज करने हेतु गए थे जहां भारी मात्रा में छात्र स्कूल में एकत्रित होकर कोरोनोप्रोटोकाल नियमों का उल्लंघन कर रहे थे इसके तहत अध्यापक के द्वारा उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करवाया गया वही हमारे पत्रकार साथी द्वारा भी एसडीएम एवं थाने को लिखित शिकायत की गई थी लेकिन उसका कोई भी संज्ञान नहीं लिया गया।
एक तरफा कार्रवाई के विरोध में पत्रकार जगत में आक्रोश व्याप्त है राष्ट्रीय ग्रामीण पत्रकार संघ जिला इकाई ने सतना पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष न्याय की मांग की है उन्होंने बताया कि अगर पुलिस नेतृत्व से न्याय न मिला तो न्यायालय में जाकर इस लड़ाई को लड़ा जाएगा ।
ज्ञापन देने वालों में राष्ट्रीय ग्रामीण पत्रकार संघ के राष्ट्रीय संगठन सचिव यदुवंशी ननकू यादव संभागीय अध्यक्ष शिवभानु सिंह बघेल, जिला अध्यक्ष सोनू पाल, डॉ बीके विश्वकर्मा, बृजेश शर्मा, अनिल तिवारी, एहसान खान, अजय कुमार विश्वकर्मा।
मीडिया सेल राष्ट्रीय ग्रामीण पत्रकार संघ सतना मध्य प्रदेश