@ पुरानी पेंशन जैसे ज्वलन्त बिषय को केंद्र कि चर्चा में लाने के लिये मा• अखिलेश यादव का आभार।
@ किन्तु राजनेताओं द्वारा पूर्व में भी गयी घोषणाएं आज तक अमल में न लाने से कर्मचारी समाज मे बिश्वाश का संकट।
@ 2012 में मा अखिलेश यादव ने वित्त बिहीन शिक्षकों को नियमित करने व सम्मानजनक मानदेय देने की घोषणा अमल में नही लाई सकी।
@ वर्तमान मुख्यमंत्री जी ,रक्षा मंत्री जी सहित 50 से अधिक सांसदो/राजनेताओं ने तत्कालीन यू पी ए सरकार को पत्र लिख कर पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की थी पर सत्ता में आने पर वादे से मुकरे।
@ दिल्ली बिधान सभा मे मा• मुखयमंत्री श्री केजरीवाल जी द्वारा प्रस्ताव पारित कर के भेजने के बाद भी आज तक लागू नही हुई, तो छत्तीस गढ़ व पंजाब सरकार द्वारा पुरानी पेंशन बहाली आज तक अधर में पड़ी है।
@ वर्तमान राजनीति व राजनेताओं के दोहरे चरित्र से कर्मचारी शिक्षक समाज आशंकित है पर जिस राज नेता व राजीनीतिक दल ने पहले घोषणाएं की हैं उस पर एक बार बिश्वाश तो करना ही पड़ेगा,क्योंकि की कर्मचारी समाज के पास अब कोई विकल्प नही बचा है।यदि सत्ता में आने के बाद पुरानी पेन्शन बहाल नही हुई तो कर्मचारी समाज पूर्व की भाँति आन्दोलन करता रहेगा चाहे सरकार किसी की भी हो।
अम्बिका दूबे
जिलाध्यक्ष राज्य कर्मचारी सन्युक्त परिषद गाजीपुर।
अखिलेश यादव द्वारा पुरानी पेंशन बहाली को अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने पर राज्य कर्मचारी सन्युक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अम्बिका दुबे ने किया स्वागत-आँचलिक ख़बरें-महताब आलम

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