झाबुआ शहर में नगर पालिका झाबुआ द्वारा फिर से अतिक्रमण हटाओ मुहिम चलाई जाएगी।
मुनादी करवाकर और नोटिस देकर अतिक्रमण करने वालों को सूचना दी गई
झाबुआ, झाबुआ शहर अतिक्रमण से घिरा हुआ है आए दिन नए अतिक्रमण होते रहते हैं।
नगर पालिका की पिछली परिषद ने 20 अप्रैल 2022 को अतिक्रमण हटाओ मुहिम शुरू की थी इस मुहिम के तहत कॉलेज मार्ग, व्यायामशाला रोड, राजवाड़ा, सज्जन रोड, शनि मंदिर सिद्धेश्वर रोड, बस स्टैंड, विजय स्तंभ चौराहा दिलीप गेट , राजगढ़ नाका, पुलिस लाइन चौराहे तक अतिक्रमण हटाया गया था।
अधिकतर घूमटी लगाने वालों की घूमटीया नहीं हटाने पर जेसीबी से क्षतिग्रस्त कर दी गई थी। कई लोगों का रोजगार छिन गया था।
लोगों ने अतिक्रमण हटाओ मुहिम का काफी विरोध किया लेकिन मुहिम दो-तीन दिन चलती रही। पीड़ित लोगों का कहना था अक्सर गरीबों की रोजी रोटी अतिक्रमण के नाम पर छीनी जाती है।
बड़े अतिक्रमणकारियों, भू माफियाओं पर कभी कार्रवाई नहीं होती है
शहर के मुख्य बाजारों में यातायात अक्सर बाधित होता है, अक्सर जाम की स्थिति बनती है अव्यवस्थित दुकानें लगने दुकानों के बाहर तक सामान आने से, रोड किनारे बैठे फल सब्जी वाले ,ठेला गाड़ियों से मार्ग सकड़े हो गए हैं। पोस्ट ऑफिस का एटीएम नजर ही नहीं आता है। बस स्टैंड के पीछे बने हाकर झोंन का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। सबको मिलकर हल निकालना चाहिए।
अकसर छोटे लोग ही मुहिम के शिकार होते हैं
सौरभ सोलंकी जिनको नगरपालिका की तरफ से नोटिस मिला है घूमटी हटाने का। घूमटी विजय स्तंभ चौराहे के फुटपाथ पर लगी है गाड़ियों के सीट कवर और बैग सीलकर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। इनका कहना है हमेशा अतिक्रमण के शिकार हम छोटे लोग ही क्यों होते हैं शहर में कई बड़े अतिक्रमण हैं कई भूमाफिया है जिन्होंने शासन की जमीन पर भी अतिक्रमण कर रखा है सरकार ऊन पर क्यों नहीं करवाई करती। हमेशा हम छोटे लोगों को नोटिस थमा कर हमसे रोजगार छीन लिया जाता है। हम अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करेंगे। सरकार हमें कहीं सुनिश्चित जगह दे जहां अपनी घूमटी लगाकर अपना व्यापार कर पाए । हमें भी जीने का हक है। हमें हमारे जीवन यापन के लिए व्यापार तो करना ही पड़ेगा। लेकिन अतिक्रमण की आंधी हर बार हम गरीब परिवारों को उजाड़ कर चली जाती है।
हमारा निवेदन है हमें उजाड़ने से पहले सरकार, प्रशासन हमें कहीं जगह दे जहां पर हम अपना व्यापार कर पाए।