पत्रकार ने सोशल मीडिया पर आडियो वायरल करके कौन सा तीर मार लिया है :- खनिज अधिकारी के के राय-आंचलिक ख़बरें-मुन्ना विश्वकर्मा

News Desk
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सुमेरपुर हमीरपुर।उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड का हमीरपुर जनपद बालू के अवैध खनन के लिए अक्सर चर्चा में रहा है।यहां बालू के अवैध खनन का कार्य जनपद में बैठे जिम्मेदारों की मिलीभगत खूब फलफूल रहा है।नदी की जलधारा को रोककर प्रतिबंधित मशीनों से बालू के अवैध खनन का कार्य धडल्ले से किया जाता है।अधिकारियों की मिलीभगत से बालू माफिया एनजीटी के नियमों की जमकर धज्जियां उडाते हैं। हजारों की संख्या में बालू लदे ओवरलोड ट्रक जिला प्रशासन की नांक के तले से जनपद की सीमा को पार करते हैं पर क्या मजाल की इन पर कोई हांथ लगा पाए।यहां गैर जनपदों से आकर ना जाने कितने बालू माफिया मालामाल होकर चले गए।इनके साथ साथ इन पर मेहरबान रहे ना जाने कितने अधिकारी भी मालामाल हो गए।

आपको बता दें कि सुमेरपुर कस्बे से दिन रात ओवरलोड बालू लदे ट्रकों का आना जाना लगा रहता है।यह गाडियां सुमेरपुर कस्बे से होकर जिला मुख्यालय से गुजरती हैं।फिर भी जिले में बैठे जिम्मेदार अधिकारी इन ओवरलोड गाडियों की तरफ आंख उठाकर देखने की हिमाकत नही जुटा पाते हैं।बताया जाता है कि इन ओवरलोड गाडियों के आगे पीछे बुलेरो गाडी लोकेशन मे चलती हैं।बुलेरो गाडी में बैठे लोकेटरो की अधिकारियों से अच्छी खासी सांठगांठ होती है।जिन पर जिला प्रशासन की खासी मेहरबानी रहती है।यह बालू लदी ओवरलोड गाड़ियां सिसोलर थाने व बांदा जनपद के जसपुरा थाने की तरफ से बालू भरकर सुमेरपुर कस्बा होते हुए जनपद की सीमा को पार करती हैं।लेकिन क्या मजाल की इन पर कोई हांथ लगा पाए।बालू लदे ओवरलोड ट्रकों के सम्बन्ध में जब पत्रकार मुन्ना विश्वकर्मा ने खनिज अधिकारी के के राय से बात की तब बौखलाए खनिज अधिकारी ने पत्रकार को ही पाठ पढाना शुरू कर दिया और खनिज अधिकारी ने पत्रकार से ही इन पर कार्यवाही करने का रास्ता पूछते हुए साफ शब्दों में कह दिया की क्या मैं बालू लदी गाडियों के आगे लेट जाउं।पत्रकार और खनिज अधिकारी की बातचीत का आडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसके बाद जब खनिज अधिकारी से वायरल आडियो के सम्बन्ध में अन्य पत्रकार ने बात की तब खनिज अधिकारी ने यह कहते हुए फोन काट दिया कि पत्रकार ने आडियो वायरल करके कौन सा तीर मार लिया है।खनिज अधिकारी के बोल यह साफ जाहिर करते हैं कि इनका विभाग बालू माफियाओं पर खासा मेहरबान है।
यहां के लोग दबी जुबान बताते हैं कि जिला प्रशासन,खनिज अधिकारी, आरटीओ विभाग सहित पुलिस के रहमोकरम से ही ओवरलोड गाडियों सहित अवैध खनन का खेल खेला जाता है।बालू खदानों में एनजीटी की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।मानकों के विपरीत परिवहन हो रहा है।यहां लगे कैमरे शोपीस बने हुए हैं।बालू माफियाओं की अधिकारियों से अच्छी खासी सांठगांठ होती है।यह माफिया अधिकारियों की जेबों तक हर माह अच्छी खासी रकम पहुंचा देते हैं।जिसके बाद ही यह सीना तानकर इन खेलों को अंजाम देते हैं।गुलाबी आंधी की दम पर अधिकारी इनकी ओर सर उठाकर देखने की हिम्मत नही जुटा पाते हैं।
जनपद के आरटीओ विभाग की तो कुछ कहने लायक ही नही है।इस विभाग को अधिकारियों के बजाय यहां बैठे दलाल चलाते हैं।आरटीओ विभाग कार्यालय के ईर्दगिर्द दलाल अपनी दुकान लगाए बैठे हैं।इन दलालों की इजाजत के बगैर यहां पत्ता तक नही हिलता है।इन दलालों की यहां बैठे अधिकारियों से इतनी बनती है कि इस विभाग का सारा का सारा काम यह दलाल ही करते हैं।इस विभाग के अधिकारी अपने कार्यालय में बैठकर ऐसोआराम करते हैं और दलाल यहां आने वाले फरियादियों से जमकर धन उगाही करते हैं।जिसका हिस्सा वह अधिकारियों की जेब में डाल देते हैं।

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