नदियां उफान पर, गांव जलमग्न
पंजाब में लगातार हो रही बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी ने हालात को गंभीर बना दिया है। सतलुज, ब्यास और रावी जैसी नदियां अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इन नदियों के किनारे बसे गांव पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। नदियों के बढ़ते जलस्तर ने न सिर्फ खेतों को नुकसान पहुंचाया है बल्कि गांवों के घर भी पानी में डूब गए हैं।
- नदियां उफान पर, गांव जलमग्न
- घरों में छह फुट तक पानी, लोग बेघर
- हजारों एकड़ फसल बर्बाद
- सड़कें टूटीं, गांवों का संपर्क टूटा
- सेना और एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
- फिरोजपुर में बीएसएफ चौकियां पानी में घिरीं
- सरकार ने अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कीं
- स्कूल बंद, प्रशासन अलर्ट
- पठानकोट में डूबा डीसी ऑफिस
- गोबिंद सागर झील में डूबा ऐतिहासिक मंदिर
घरों में छह फुट तक पानी, लोग बेघर
गुरदासपुर के बुगना, गहलरी, नौशहरा, बाऊपुर और मंसूरा जैसे गांवों में हालात सबसे खराब हैं। यहां कई घरों में छह-छह फुट तक पानी भर गया है। लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। कई परिवारों के पास न तो रहने की जगह बची है और न ही खाने-पीने की सुविधा। बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
हजारों एकड़ फसल बर्बाद
पानी भरने से हजारों एकड़ खेत पूरी तरह डूब गए हैं। धान और मक्के जैसी फसलें चौपट हो गई हैं। किसानों का कहना है कि अगर पानी जल्द नहीं निकला तो उनकी मेहनत और सालभर की आमदनी पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। पशुओं के चारे तक की भारी कमी हो गई है।
सड़कें टूटीं, गांवों का संपर्क टूटा
बाढ़ के कारण कई जगह सड़कों का अस्तित्व ही मिट गया है। कुछ सड़कें बह गई हैं और कुछ जगह पानी के तेज बहाव ने पुलों को नुकसान पहुंचाया है। इसकी वजह से कई गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। प्रशासन को नावों और मोटर बोट्स के जरिए राहत सामग्री पहुंचानी पड़ रही है।
सेना और एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
हालात को संभालने के लिए सेना, एनडीआरएफ, बीएसएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। हेलीकॉप्टर से फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। एनडीआरएफ की टीमों ने अब तक सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया है और कई अस्थायी राहत शिविर भी बनाए गए हैं।
फिरोजपुर में बीएसएफ चौकियां पानी में घिरीं
फिरोजपुर जिले में सतलुज नदी की बाढ़ का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। यहां बीएसएफ की ओल्ड गजनी वाला और सतपाल चौकियां चारों तरफ से पानी में घिर गई हैं। अब जवान नाव और मोटर बोट के सहारे बॉर्डर पेट्रोलिंग कर रहे हैं। सीमा पर सुरक्षा बनाए रखने के साथ-साथ जवान खुद भी कठिन हालात का सामना कर रहे हैं।
सरकार ने अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कीं
पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों में तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां तुरंत रद्द कर दी हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फ्लड मैनेजमेंट कमेटी गठित की है। जालंधर में फ्लड कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिया गया है, जहां से हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
स्कूल बंद, प्रशासन अलर्ट
बाढ़ और खराब मौसम को देखते हुए राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को 27 से 30 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और डूबान वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें।
पठानकोट में डूबा डीसी ऑफिस
रणजीत सागर डैम से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी ने पठानकोट में तबाही मचा दी है। यूबीडीसी नहर का पानी शहर तक पहुंच चुका है। यहां तक कि जिला प्रशासन का डीसी ऑफिस और कई सरकारी दफ्तर भी पानी में डूब गए हैं। इससे प्रशासनिक कामकाज भी प्रभावित हुआ है।
गोबिंद सागर झील में डूबा ऐतिहासिक मंदिर
भाखड़ा डैम के पीछे गोबिंद सागर झील में स्थित ऐतिहासिक बाबा गरीब दास मंदिर भी पानी में डूब गया है। श्रद्धालु अब नाव के सहारे मंदिर पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं। झील का जलस्तर 1665 फीट तक पहुंच चुका है और मंदिर का निचला हिस्सा पूरी तरह पानी में समा गया है।

