बीएमसी चुनाव में सपा अकेले और स्वतंत्र रूप से लड़ेगी: अबू आसिम आज़मी
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- बीएमसी चुनाव में सपा अकेले और स्वतंत्र रूप से लड़ेगी: अबू आसिम आज़मी
- पत्रकार सम्मेलन में अबू आसिम आज़मी का स्पष्ट बयान
- महाविकास आघाड़ी से अलग होने की वजह
- गरीब और स्लम इलाकों की आवाज बनेगी सपा
- गठबंधन में बेहतर सहयोग होता तो फैसला अलग होता
- बीएमसी चुनाव से पहले गरमाया सियासी माहौल
- नए राजनीतिक समीकरणों की ओर संकेत
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी (सपा) ने बड़ा सियासी फैसला लेते हुए महाविकास आघाड़ी से अलग होकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
पत्रकार सम्मेलन में अबू आसिम आज़मी का स्पष्ट बयान
मुंबई में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र विधान सभा सदस्य अबू आसिम आज़मी ने कहा कि सपा इस बार बीएमसी चुनाव 2026 में अकेले और स्वतंत्र रूप से अपने उम्मीदवार मैदान में उतारेगी।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी अब चुनावी राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाएगी और किसी गठबंधन पर निर्भर नहीं रहेगी।
महाविकास आघाड़ी से अलग होने की वजह
अबू आसिम आज़मी ने बताया कि विपक्षी दलों के बीच सहयोग और समन्वय की कमी के चलते यह निर्णय लिया गया है।
उनका आरोप था कि महाविकास आघाड़ी गठबंधन के भीतर न तो राष्ट्रीय स्तर पर और न ही स्थानीय स्तर पर समाजवादी पार्टी को अपेक्षित समर्थन मिला।
गरीब और स्लम इलाकों की आवाज बनेगी सपा
सपा नेता ने कहा कि पार्टी मुंबई के गरीब, मजदूर और स्लम इलाकों में रहने वाले लोगों की आवाज को मजबूती से उठाएगी।
उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी दबे-कुचले और वंचित वर्गों का प्रतिनिधित्व करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पूरे आत्मविश्वास के साथ उतरेगी।
गठबंधन में बेहतर सहयोग होता तो फैसला अलग होता
आजमी ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर गठबंधन के भीतर सही ढंग से सहयोग स्थापित होता, तो सपा को अलग रास्ता नहीं अपनाना पड़ता।लेकिन मौजूदा राजनीतिक हालातों को देखते हुए पार्टी को बीएमसी चुनाव में स्वतंत्र रूप से उतरने का फैसला लेना पड़ा।
बीएमसी चुनाव से पहले गरमाया सियासी माहौल
बीएमसी चुनाव 2026 से पहले मुंबई की राजनीति लगातार गरमाती जा रही है।कांग्रेस पार्टी पहले ही अकेले चुनाव लड़ने का फैसला कर चुकी है |इससे महाविकास आघाड़ी में दरार साफ नजर आ रही है|एआईएमआईएम ने 50 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है |स्थानीय और क्षेत्रीय समीकरण भी तेजी से बदल रहे हैं|
नए राजनीतिक समीकरणों की ओर संकेत
इन तमाम घटनाक्रमों से यह साफ संकेत मिल रहा है कि बीएमसी चुनाव 2026 मुंबई की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।
अब समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, उद्धव ठाकरे गुट और अन्य दल अपने-अपने मंच से मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुट गए हैं।

