अधिवक्ताओं और ‘हम एकता मंच’ ने जिलाधिकारी कार्यालय पर किया प्रदर्शन
डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच की स्थापना की मांग को लेकर हम एकता मंच के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।
कई वर्षों से जारी है अधिवक्ताओं का आंदोलन
अधिवक्ताओं का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच की स्थापना के लिए लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पश्चिमी यूपी के 22 जिलों को प्रयागराज का क्षेत्राधिकार
अधिवक्ताओं ने बताया कि उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रयागराज में स्थित है, जिसकी एक बेंच राजधानी लखनऊ में है। लखनऊ बेंच के अंतर्गत आसपास के लगभग 15 जिलों का क्षेत्राधिकार आता है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों का क्षेत्राधिकार प्रयागराज हाईकोर्ट को दिया गया है।
850 किलोमीटर की दूरी बनी बड़ी समस्या
अधिवक्ताओं के अनुसार सहारनपुर जैसे जिलों से प्रयागराज की दूरी 850 किलोमीटर से भी अधिक है। प्रयागराज से रामपुर और आगरा सबसे नजदीकी जिले माने जाते हैं। इतनी लंबी दूरी तय कर मुकदमों की पैरवी करना आम जनता और अधिवक्ताओं दोनों के लिए बेहद कठिन है।
अधिवक्ताओं की सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने कहा कि लंबी दूरी और लगातार यात्रा के दौरान अधिवक्ताओं के साथ कई बार अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कानून या व्यवस्था लागू नहीं की गई है।
मांग पूरी न होने तक जारी रहेगा आंदोलन
अधिवक्ताओं ने दो टूक कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की अलग बेंच की स्थापना होने तक वे शांत नहीं बैठेंगे। यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो धरना-प्रदर्शन और तेज किए जाएंगे।

