अमरोहा के बाद झांसी में भी प्रदर्शन, दीपु चन्द्र हत्या को लेकर पूरे देश में गुस्सा
डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |
- अमरोहा के बाद झांसी में भी प्रदर्शन, दीपु चन्द्र हत्या को लेकर पूरे देश में गुस्सा
- इलाईट चौराहे पर पुतला दहन, जमकर नारेबाजी
- अमरोहा के बाद झांसी में भी उग्र विरोध
- अल्पसंख्यकों पर अत्याचार रोकने की मांग
- राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
- देशभर में गूंज रहा एक ही सवाल
- दर्जनों कार्यकर्ता रहे मौजूद
बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपु चन्द्र की निर्मम हत्या के बाद पूरे देश में आक्रोश का माहौल है। ना उससे उसकी जाति पूछी गई, ना कोई सबूत मांगा गया—सिर्फ उसका हिंदू होना ही उसकी जिंदगी खत्म होने का कारण बन गया। इस घटना के विरोध में भारत के कोने-कोने में प्रदर्शन हो रहे हैं। अमरोहा के बाद अब उत्तर प्रदेश के झांसी में भी विरोध की आग सड़कों पर दिखाई दी।
इलाईट चौराहे पर पुतला दहन, जमकर नारेबाजी
झांसी में हिंदू एवं अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार के विरोध में पाकिस्तान और बांग्लादेश का पुतला जलाया गया। यह प्रदर्शन राष्ट्रभक्त संगठन और हिंदू समन्वय मंच के संयुक्त आह्वान पर किया गया। इलाईट चौराहे पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए और अत्याचारों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
अमरोहा के बाद झांसी में भी उग्र विरोध
इससे पहले उत्तर प्रदेश के अमरोहा से भी इसी तरह की खबर सामने आई थी, जहां बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश के प्रमुख मोहम्मद यूनुस का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया था। अब झांसी में भी वही गुस्सा और आक्रोश देखने को मिला।
अल्पसंख्यकों पर अत्याचार रोकने की मांग
बुधवार को राष्ट्रभक्त संगठन अंचल अड़जरिया के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धर्म के नाम पर हिंसा, जबरन धर्मांतरण और उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया। इसमें मांग की गई कि बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदू, बौद्ध, सिख, ईसाई और पारसी समुदाय पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए भारत सरकार कड़ा हस्तक्षेप करे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस कदम उठाए।
देशभर में गूंज रहा एक ही सवाल
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दीपु चन्द्र का कसूर सिर्फ इतना था कि वह हिंदू था। इसी सवाल के साथ देशभर में आक्रोश फैल रहा है कि आखिर कब तक अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को नजरअंदाज किया जाएगा।
दर्जनों कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन में हिंदू समन्वय संगठन और राष्ट्रभक्त संगठन के दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में अत्याचार बंद करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

