पत्नी की पुण्यतिथि पर पिता ने खुद की और बच्चों की जान लेने की कोशिश
डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |
उत्तर प्रदेश के बिल्हौर क्षेत्र से एक ऐसी त्रासदी सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। पत्नी की तीसरी पुण्यतिथि पर एक सराफा व्यापारी ने अपने ही घर को मातम में बदल दिया। मानसिक पीड़ा और अकेलेपन से जूझ रहे पिता ने अपने दो मासूम बेटों पर ईंट से हमला किया, फिर खुद जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।
सुबह सामान्य दिन, भीतर चल रहा था द्वन्द
अरौल कस्बे में शुक्रवार सुबह सब कुछ सामान्य लग रहा था। 45 वर्षीय सराफा व्यापारी अजय कटियार तड़के घर के बाहर झाड़ू लगाते हुए सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दिए। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों में उनका घर मातम के माहौल में बदल जाएगा।
करीब साढ़े दस बजे वह घर के अंदर गए और फिर बाहर नहीं निकले। तीन साल पहले इसी तारीख, 19 दिसंबर को उनकी पत्नी अलका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। बताया जा रहा है कि उसी दर्द ने अजय को भीतर से पूरी तरह तोड़ दिया था।
घर के अंदर जो मिला उसे देख रह गए सब सन्न
जब सुबह दुकान नहीं खुली तो परिजन घर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद मिला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। दरवाजा खुलते ही भीतर का दृश्य दिल दहला देने वाला था।अजय कटियार और उनका 7 वर्षीय बेटा शुभ खून से लथपथ पड़े थे, जबकि 12 वर्षीय बेटा रुद्र गंभीर हालत में मिला। तीनों को तत्काल सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अजय और शुभ को मृत घोषित कर दिया। रुद्र को प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर रेफर किया गया, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
सुसाइड नोट में लिखा- “बच्चों को अपनों साथ ले जा रहा हूँ |”
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें अजय की मानसिक पीड़ा साफ झलकती है। नोट में लिखा गया—“पूज्य पिताजी, मैं बचपन से आज तक बहुत परेशान रहा हूं। अब मैं इन्हें किसके सहारे छोड़ूं, इसलिए मैं बच्चों को साथ ले जा रहा हूं।”पुलिस जांच में सामने आया है कि अजय ने पहले घर के आंगन में फंदा लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी, लेकिन वह प्रयास सफल नहीं हुआ। इसके बाद उसने घर में रखे खरपतवार नाशक जहरीले पदार्थ का इस्तेमाल किया।आशंका है कि उसने पहले बच्चों को जहर देने की कोशिश की, लेकिन उनके इंकार करने पर उसने ईंट से दोनों पर हमला किया। इसके बाद खुद जहरीला पदार्थ पी लिया।
पत्नी की मौत भी थी रहस्यमयी
इंस्पेक्टर जनार्दन सिंह यादव के अनुसार, पूछताछ में मायके पक्ष ने बताया कि तीन साल पहले अजय की पत्नी अलका की मौत भी सिर में चोट लगने से हुई थी। उस समय इसे गिरने की घटना बताया गया था, लेकिन मायके वालों का दावा है कि वह भी संदिग्ध थी। पुलिस दोनों मामलों को जोड़कर जांच कर रही है।

