उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में बने यशोदा हॉस्पिटल में ग्रामीण अंचल से आई प्रसूता की इलाज के दौरान मृत्यु। प्राप्त जानकारी के अनुसार कर्वी कोतवाली के अंतर्गत खुटहा ग्राम के निवासी दीपिका कुशवाहा सहायक अध्यापक भी थी. गत 20 फरवरी 2021 की रात दीपिका कुशवाहा को प्रसव पीड़ा हुई प्रसूता के परिजन ने उसे कर्वी पहाड़ी रोड स्थित यशोदा हॉस्पिटल में भर्ती कर दिया। शुरू में अस्पताल के कर्मचारियों ने ₹35000 इलाज के लिए जमा करा लिए प्रसूता की स्थिति नाजुक होने पर यशोदा अस्पताल के किसी संपर्क के डॉक्टर ने ऑपरेशन किया हॉस्पिटल इस समय डॉक्टर राजेंद्र सिंह चलाते हैं ।जब प्रसूता के ऑपरेशन से बच्चा तो सुरक्षित रहा लेकिन उसकी मां को डॉक्टर नहीं बचा सके और उसकी हालत और नाजुक होने पर परिजनों को डॉक्टरों द्वारा धोखे में रखा गया कि ब्लड बहुत निकल गया है इसलिए प्रसूता को खून चढ़ाया जा रहा है और ₹60000 की व्यवस्था करो । इन सब बातों के बीच शायद पहले ही प्रसूता मां मर गई और बच्चे को अलग कर उसे साफ भी कर रही थी। बच्चा रो भी रहा था अतः परिजनों को शंका हुई तब भी मां के पास काफी देर तक कोई परिजन नहीं पहुंचा जब परिजनों को लाश के बदले ₹60000 मांगे गए तो उन्होंने हंगामा काटा और कर्वी कोतवाली में डॉक्टर राजेंद्र सिंह और दो अज्ञात डॉक्टरों के नाम तहरीर दे दी. कोतवाली में 304 का मुकदमा लिख कर पुलिस टीम गठित कर जांच में लग गई है। पुलिस ने राजेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई के लिए कहा है।

