न्यायिक आदेश की अवहेलना पर जिलाधिकारी सहित अधिकारियों को अवमानना नोटिस
डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |
- न्यायिक आदेश की अवहेलना पर जिलाधिकारी सहित अधिकारियों को अवमानना नोटिस
- न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की अदालत में हुई सुनवाई
- डीएम जौनपुर समेत अधिकारियों को नोटिस
- एक माह में अनुपालन शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश
- अगली सुनवाई की तारीख तय
- प्रशासन को मिला कड़ा संदेश
- क्या है पूरा मामला?
- निर्माण कार्य में बाधा और धमकी का आरोप
- प्रशासन से शिकायत के बाद पहुंची हाईकोर्ट
- डर के माहौल में जीने का आरोप
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी जौनपुर सहित संबंधित अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने साफ कहा है कि उसके आदेश का जानबूझकर अनुपालन नहीं किया गया, जो न्यायिक आदेश की सीधी अवहेलना है।
न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की अदालत में हुई सुनवाई
यह मामला न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की अदालत में नीतू सिंह बनाम राज्य सरकार व अन्य के रूप में सुनवाई के दौरान सामने आया। अदालत ने पाया कि 28 अगस्त 2025 को पारित आदेश का अब तक पालन नहीं किया गया है।
डीएम जौनपुर समेत अधिकारियों को नोटिस
हाईकोर्ट ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए डॉ. दिनेश चंद्र (जिलाधिकारी, जौनपुर) सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किया है।न्यायालय ने स्पष्ट किया कि न्यायिक आदेशों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
एक माह में अनुपालन शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश
हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि एक माह के भीतर आदेश का पूर्ण अनुपालन करते हुए अनुपालन शपथपत्र दाखिल किया जाए।
यदि ऐसा नहीं किया गया, तो अधिकारियों को यह स्पष्ट करना होगा कि उनके खिलाफ अवमानना अधिनियम, 1971 के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए।
अगली सुनवाई की तारीख तय
मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 19 मार्च 2026 की तारीख तय की है।कोर्ट की इस सख्ती के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
प्रशासन को मिला कड़ा संदेश
हाईकोर्ट के इस रुख से जिले में यह स्पष्ट संदेश गया है कि अब न्यायालयीय आदेशों की अनदेखी भारी पड़ सकती है और प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त कार्रवाई संभव है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता नीतू सिंह, निवासी भनौर परसना (बरसठी), वर्तमान पता रामसराय पट्टी परसना हवेली, जौनपुर, ने 29 अक्टूबर 2021 को आराजी संख्या 149 की भूमि का वैध बैनामा कराया था।मकान निर्माण के बाद शेष भूमि को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने बाउंड्रीवाल और वाटर रिचार्ज सिस्टम का निर्माण शुरू कराया।
निर्माण कार्य में बाधा और धमकी का आरोप
पीड़िता के अनुसार, 22 मई 2025 को निर्माण कार्य के दौरान कुछ लोगों ने स्वयं को आरएसएस से जुड़ा बताकर काम रुकवा दिया और बाउंड्रीवाल तोड़ने का प्रयास किया।
आरोप है कि उन्होंने दुर्व्यवहार करते हुए कहा—“हमारा रसूख प्रशासन तक है, जो चाहेंगे वही होगा।”
प्रशासन से शिकायत के बाद पहुंची हाईकोर्ट
घटना के बाद पीड़िता ने जिलाधिकारी से शिकायत कर दोषियों पर कार्रवाई और निर्माण की सुरक्षा की मांग की, लेकिन जब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
डर के माहौल में जीने का आरोप
पीड़िता का कहना है कि वह अपने परिवार के साथ डर के माहौल में जीवन बिता रही हैं और उन्हें अब भी प्रशासन व न्यायालय से न्याय की उम्मीद है।

