दमोह जिले में 6 दिसंबर को लेकर संपूर्ण मध्यप्रदेश में और देश में हादसों और अप्रिय घटना ना हो इसी उद्देश्य को लेकर जिला कोतवाली में शांति समिति की बैठक बुलाई गई जिसमें चंद लोग ही नजर आए प्रशासन में शांति समिति की बैठक को गंभीरता से नहीं लिया इसी के चलते बैठक में लोग नहीं पहुंचे जिसमें एक समाज द्वारा पूर्णता बॉयकॉट किया या प्रशासन द्वारा पूर्व में बनी शांति समिति के सदस्यों को बुलाया ही नहीं गया सरकार बदल जाने के बाद शांति समिति की सदस्यता भी बदल चुकी है यह एक कारण भी हो सकता है जिससे नए लोग आए नहीं और पुराने लोगों को बुलाया नहीं गया शांति समिति के सदस्य समाज से जुड़े होते हैं प्रशासन को चाहिए शांति समिति की बैठक महत्वपूर्ण समय पर ली जाती है इसमें सरकार बदलते ही सदस्यों का बदलना सही नहीं है क्योंकि शांति समिति की बैठक से जुड़े लोग अपने समाज के और संगठनों की जिम्मेदार लोग होते हैं जिनकी मदद से प्रशासन शहर में और जिले में और देश में शांति स्थापित कर पाती है अब इसमें भी राजनीति होने लगी है जिसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं 6 दिसंबर से पहले असामाजिक तत्व सक्रिय हो गए हैं फेसबुक और व्हाट्सएप पर 5 दिसंबर को भारत बंद जैसे आवाहन कर रहे हैं प्रशासन को चाहिए इन लोगों की पहचान कर इन पर कार्रवाई करें ताकि जिले का सौहार्द बना रहे!
6 दिसंबर को लेकर शांति समिति की बैठक रही विफल हादसों का संदेह चंद लोग ही पहुंचे शांति समिति की बैठक में जिससे आशंकाएं गर्म-आंचलिक ख़बरें-अजय पांडेय
