क्षेत्र के प्रखर शिक्षाविद एवं आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय संयोजक ओम शर्मा ने प्रदेश के समस्त माननीय विधायको से आग्रह किया है की आगामी 18 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में जिस प्रकार महाराष्ट्र, उड़ीसा, झारखंड में विभिन्न राजनीतिक दलों ने मतभेद भुलाकर श्रीमती मुर्मु का समर्थन किया ही उसी प्रकार वे भी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर श्रीमती मुर्मु के पक्ष में मतदान करे। उन्होंने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार एक जनजाति समाज की महिला को इस पद तक पहुंचने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है, और उनके पक्ष में मतदान कर प्रत्येक विधायक निश्चित ही अपने आप को गौरवान्वित महसूस करेगा। एक निहायत ही आम परिवार का प्रतिनिधित्व करने वाली द्रौपदी मुर्मु का नाम इस पद के लिए प्रस्तावित कर एनडीए ने इस मिथक को तोड़ा है की राष्ट्रपति जैसे पद के लिए किसी स्थापित राजनीतिक घराने से संबंध होना आवश्यक है। श्रीमती मुर्मु वास्तविक अर्थों में इस देश के सामान्य व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करती है, वर्तमान विधायको के पास सामान्य जनमानस के समर्थन का एक स्वर्णिम अवसर है।