हुजूर ताजुल असफिया मकसूदन औलिया रहमतुल्ला अलेह का 8 वां सालाना उर्से पाक 2 जनवरी 2022 को धुंधरी शरीफ जनपद पीलीभीत में हुजूर साहेबे सज्जाद नशीन हजरत ख्वाजा सूफी शाकिर हुसैन शाह साहब किवला मद्दा जिल्ला उल आली की जेरे सरपरस्ती में बड़े ही जोशो खरोश और अकीदत के साथ मनाया गया।
आस्ताने हज़रत सूफी मकसूद उल औलिया धुंधरी शरीफ में चार दिन से चल रहे उर्स मकसूद उल औलिया के पहले दिन मिलादे पाक, दूसरे दिन महफिले समां बज्मे कव्वाली और हल्का ए जिक्र के बाद चादर पोशी की रस्म अदा की गई। उर्स पाक के तीसरे दिन कुल शरीफ बड़ी ही शान-ओ-शौकत के साथ मनाया गया। कुल शरीफ की फातेहा के दौरान उलमा ए किराम ने नात ओ मनकवत व फतेहा शिजरा ख्वानी की गई। कुल शरीफ की फातिहा के बाद दरगाह मकसूद उल औलिया के सज्जादा नशीन हजरत सूफी शाकिर मियां हुजूर ने मुल्क में तरक्की, अमन, भाईचारा और कोविड -19 के खात्मे के लिए खास तौर पर दुआ की। इसके साथ ही सज्जादा नशीन हजरत सूफी शाकिर मियां हुजूर ने उर्स में आने वाले जायरीनों के लिए प्यार और तरक्की और उनकी कामयाबी खुशहाली के लिए भी दुआ की। उर्स में खुशूसी मेहमान हजरत ख्वाजा सूफी असद मियां हुजूर अजमेर शरीफ से तशरीफ़ लाए थे। दिल्ली महबूब ए इलाही से गद्दी नशीन हजरत अफजाल निजामी इसके साथ ही हजरत रियासत मियां, शाहनवाज मियां भैसोड़ी शरीफ ने भी उर्स में पहुंचकर शिरकत की। कुल शरीफ के फातिहा के दौरान अजमेर शरीफ से तस्वीर लाएं हजरत असद मियां हुजूर ने दरगाह मकसूद उल औलिया के सज्जादा नशीन हजरत शाकिर मियां हुजूर की दस्तारबंदी की। उर्स ए पाक की निजामत मौलाना अजीमुद्दीन ने की। कुल शरीफ की फतेह के दौरान नवाबगंज जामा मस्जिद के शाही इमाम कारी हामिद रजा, बरेली के प्रसिद्ध चिकित्सक डाक्टर मोहम्मद अय्यूब अंसारी, डॉ विनोद पागरानी, सूफी जाने आलम, सूफी जाहिद हुसैन, सूफी मोहम्मद असलम, सूफी जुनैद मियां, सूफी सगीर मियां, उर्स के दौरान नगर पंचायत बरखेड़ा के चेयरमैन हाजी जमील अहमद अंसारी, साबिर हुसैन पूर्व प्रधान धुंधलरी शरीफ, चंदोई के पूर्व प्रधान बशीर अहमद, डियोड़ी नानकमत्ता के प्रधान शकील अहमद, हरहरपुर नवाबगंज से सूफी शराफत हुसैन, सूफी शमशुन्नवी खटीमा, तारूक जमाल, सूफी मोहम्मद तारिक, साबिर हुसैन धुंधरी शरीफ, खुर्शीद अहमद प्रधान पखुन्नी, नवाबगंज बरेली से पूर्व जिलास पूर्व प्रधान हरहरपुर मटकली नवाबगंज मोहम्मद सलीम अंसारी के साथ ही बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कुल शरीफ की फातेहा की रस्म के बाद लोगों ने लंगर भी खाया। उर्स में आने वाले मुरीदों और जायरीनों को दरगाह के सज्जादा नशीन हजरत सूफी शाकिर मियां शाह किवला मद्दा जिल्ला उल आली ने तबर्रुक मिठाई देकर विदा किया। पुरुष के तीसरे दिन बाद नमाज ईशां तरैई मुशायरे का प्रोग्राम के दौरान शायरों ने बेहतरीन कलाम पेश किए। उर्से पाक के आखिरी दिन गुसल व संगल की रस्म अदा की गई जिसमें बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। उर्स के दौरान आने वाले जायरीन की भीड़ को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती भी की गई थी लेकिन इसके बावजूद भी मुख्य मार्ग पर भारी भीड़ और वाहनों के चलते जाम की स्थिति बनी रही। उर्स के दौरान अब बाहर से आने वाले जायरीन को लंगर भी बांटा गया।