भैयालाल धाकड़
विदिशा // मध्य प्रदेश के बिदिशा में स्थित श्री हरि वृद्ध आश्रम में मुनि श्री निर्दोष सागर , निर्लोप सागर एवं निरुपम सागर का मंगल आगमन हुआ उन्होंने आश्रम की अत्याधुनिक सुख सुविधाओं पर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की आश्रम,परिसर में आश्रम संचालक ने उनके चरण पखारे ।
आश्रम मंदिर परिसर में दिये गए शुभ प्रवचनों में उन्होने बुज़ुर्गजन को यह शिक्षा दी कि आश्रम आपका घर है ओर यहां रह कर आपको 3 बातेँ याद रखना है ,,,मीठा बोलना ,,,निभ के चलना,,,ओर परोपकार की भावना रखना। आपस मिलजुल के ओर आश्रम संचालक को ही अपना सगा सम्बन्धी मान कर ओर उनका हो कहना मान कर रहना चाहिए इनकी की गई निस्वार्थ सेवा के प्रति अपनी कृतज्ञता रखना ओर यदि ये नही किया तो अपना परलोक भी बिगड़ जाता है। उन्होंने समस्त बुज़ुर्गों को स्वस्थ और प्रसन्न रहने का मूल मंत्र दिया ओर पवित्र भावना के साथ ओम नमो नमः का जाप करने को कहा इस तरह आपके सारे रोग शोक संताप ओर दुख समाप्त हो जाएंगे और आप स्वस्थ रहेंगे तभी आप लोग एक दूसरे के साथ प्रसन्नता के साथ रहेंगे ओर आप लोगों को यहां रहकर कोई व्यापार तो करना नही है सिर्फ ओम नमो नमः का जाप करना है। हमारे साथ कोई माल जाने वाला नही है लेकिन माला साथ मे जाएगी
उन्होंने आश्रम अध्यक्ष श्रीमती इंदिरा शर्मा और वेद प्रकाश शर्मा और समस्त कार्यकर्ता टीम को अपना शुभ आशीर्वाद देते हुए कहा कि आप निस्वार्थ इतना पुण्य कार्य कर रहे हैं जो वास्तव एक बड़ा कठिन तप है इससे बड़ कर कोई और पुण्य कार्य हो ही नही सकता।