करीब 20 साल बाद ठाकरे बंधु एक मंच पर
डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |
मुंबई महानगरपालिका (मनपा) चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने गठबंधन कर साथ मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। करीब 20 साल बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ मंच पर नजर आए, जिसे मराठी राजनीति में ऐतिहासिक पल माना जा रहा है।
मराठी एकता और सुरक्षा पर जोर — उद्धव ठाकरे
गठबंधन की घोषणा के दौरान शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र और मराठी लोगों की एकता व सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि शिवसेना हमेशा मराठी लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही है। इस वर्ष शिवसेना अपने स्थापना के 60 वर्ष पूरे कर रही है और यह गठबंधन मराठी अस्मिता को और मजबूती देगा।
महाराष्ट्र हर चुनौती के लिए तैयार — राज ठाकरे
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मंच से गठबंधन की औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र किसी भी तरह के हमले या चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज शिवसेना (उबाठा) और मनसे के गठबंधन की घोषणा की जा रही है, जो मराठी मानुष के हितों की रक्षा करेगा।
अगला महापौर गठबंधन का होगा — मनसे प्रमुख का दावा
राज ठाकरे ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि मुंबई का अगला महापौर शिवसेना और मनसे के गठबंधन का ही व्यक्ति होगा। उन्होंने कहा कि दोनों दल मिलकर मुंबई के विकास और मराठी लोगों के सम्मान के लिए काम करेंगे।
मुंबई की राजनीति में बदले समीकरण
शिवसेना (उबाठा) और मनसे के एक साथ आने से मुंबई की राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस गठबंधन से मराठी वोट बैंक के एकजुट होने की संभावना बढ़ गई है, जिसका सीधा असर मुंबई मनपा चुनाव के नतीजों पर पड़ सकता है।

