कांजूरमार्ग डंपिंग ग्राउंड और प्रदूषण के मुद्दे पर बीएमसी को कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |
- कांजूरमार्ग डंपिंग ग्राउंड और प्रदूषण के मुद्दे पर बीएमसी को कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
- वायु प्रदूषण पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
- महायुति के कुशासन से मुंबई की छवि धूमिल
- कांजूरमार्ग डंपिंग ग्राउंड पर तत्काल निर्णय का आदेश
- प्रशासक शासन की नाकामी उजागर
- मुंबई को उद्योगपतियों के हवाले करने का आरोप
- महानगरपालिका चुनावों में सबक सिखाने की अपील
मुंबई महानगरपालिका में प्रशासक शासन के माध्यम से सत्ता चला रही भाजपा की महायुति सरकार पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुंबई की जर्जर सड़कों, बढ़ते वायु प्रदूषण और बिगड़ती स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सत्ताधारी दल की निष्क्रियता पर न्यायालय ने कड़ी फटकार लगाई है। कांजूरमार्ग डंपिंग ग्राउंड के मामले में भी कोर्ट ने बीएमसी को आड़े हाथों लेते हुए त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
वायु प्रदूषण पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
वायु प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए न्यायालय ने मुंबई महानगरपालिका आयुक्त को कड़ी फटकार लगाई। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि कोर्ट को स्वयं संज्ञान लेना पड़ा। इससे पहले सड़कों पर गड्ढों के मामले में भी कोर्ट ने बीएमसी पर जुर्माना लगाया था।
महायुति के कुशासन से मुंबई की छवि धूमिल
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और मुंबई कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि महायुति के कुशासन ने मुंबई की प्रतिष्ठा को सरेआम तार-तार कर दिया है। जो सरकार मुंबईकरों को स्वच्छ हवा तक नहीं दे पा रही है, वह पूरी तरह अक्षम साबित हो चुकी है।
कांजूरमार्ग डंपिंग ग्राउंड पर तत्काल निर्णय का आदेश
सचिन सावंत ने बताया कि कांजूरमार्ग डंपिंग ग्राउंड से फैलने वाली दुर्गंध को लेकर न्यायालय ने मुंबई महानगरपालिका को एक घंटे के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि हर मुद्दे पर माननीय न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है, तो सत्ता में बैठी भाजपा महायुति आखिर कर क्या रही है।
प्रशासक शासन की नाकामी उजागर
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से प्रशासक के माध्यम से मुंबई महानगरपालिका चलाई जा रही है और इस दौरान महायुति की अक्षमता पूरी तरह उजागर हो गई है। मुंबईकरों की समस्याओं पर भाजपा महायुति का एक भी नेता खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए हमेशा धर्म के नाम पर विवाद खड़े किए जा रहे हैं।
मुंबई को उद्योगपतियों के हवाले करने का आरोप
सचिन सावंत ने आरोप लगाया कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी और अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर है, लेकिन केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सत्ता होने के बावजूद अपेक्षित विकास नहीं हुआ। चहेते उद्योगपतियों और ठेकेदारों के लाभ के लिए मुंबई को बेचने का काम किया जा रहा है।
महानगरपालिका चुनावों में सबक सिखाने की अपील
उन्होंने कहा कि जो भाजपा महायुति मुंबईकरों को बुनियादी सुविधाएं देने में असफल रही है, उसे आने वाले महानगरपालिका चुनावों में घर बैठाने का समय आ गया है।

