क्राइम ब्रांच यूनिट-1 की त्वरित कार्रवाई, सीसीटीवी और तकनीकी जांच से सुलझा मामला
डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |
- क्राइम ब्रांच यूनिट-1 की त्वरित कार्रवाई, सीसीटीवी और तकनीकी जांच से सुलझा मामला
- व्हाट्सएप वॉइस मैसेज से मांगी गई थी फिरौती
- वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन
- सीसीटीवी से मिला अहम सुराग, वाहन और लोकेशन ट्रेस
- अपार्टमेंट पर छापा, चार आरोपी गिरफ्तार
- वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
महाराष्ट्र के नवी मुंबई पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 15 वर्षीय अपहृत लड़के को अपहरण के महज 24 घंटे के भीतर सकुशल बचा लिया। पुलिस ने इस मामले में 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले चार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नवी मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-1 द्वारा की गई।
व्हाट्सएप वॉइस मैसेज से मांगी गई थी फिरौती
पुलिस के अनुसार, 28 दिसंबर को दिवा गांव के 55 वर्षीय निवासी ने अपने भतीजे के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। अपहरण के बाद आरोपियों ने परिवार से व्हाट्सएप वॉइस मैसेज के जरिए संपर्क किया और लड़के की रिहाई के बदले 20 लाख रुपये की फिरौती की मांग की।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे और संयुक्त पुलिस आयुक्त संजय येनपुरे ने तत्काल तलाशी और बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीमों ने सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण शुरू किया और अपहरण में इस्तेमाल किए गए वाहन की पहचान की।
सीसीटीवी से मिला अहम सुराग, वाहन और लोकेशन ट्रेस
जांच में सामने आया कि अपहरण में एक सफेद मारुति सुजुकी वैगनआर (टी परमिट) का इस्तेमाल किया गया था। आगे की जांच में यह भी पता चला कि लड़के के मोबाइल फोन का उपयोग कर ऐरोली के गरम मसाला होटल से कल्याण के नांदिवली गांव तक की गाड़ी ऑनलाइन बुक की गई थी। सीसीटीवी फुटेज में चार लोग बच्चे को कल्याण पूर्व के राजाराम नगर स्थित सदाशिव पाटिल पार्किंग परिसर के पास साई आराधना अपार्टमेंट में ले जाते हुए दिखाई दिए।
अपार्टमेंट पर छापा, चार आरोपी गिरफ्तार
सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीमों ने साई आराधना अपार्टमेंट पर छापा मारा और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विजयकुमार नंदलाल यादव (34) — मुख्य आरोपी, पवन विनोद भोईर (21), शिवराम अनंत भोईर (24) और सागर गोरखनाथ यादव (20) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि अपहृत लड़के को पूरी तरह सुरक्षित बचा लिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
इस पूरे अभियान का नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोककुमार लोखंडे ने किया, जिसमें क्राइम ब्रांच यूनिट-1 के अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की आगे की जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

