जनता के चहेते कलेक्टर बने रवि जैन अब जरूरत साप्ताहिक जनता दरबार की

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संजय सोनी:झुंझुनू पुराने निजी बस स्टैंड स्थान्तरण को लेकर अड़े निजी बस संचालकों की हड़ताल को बड़ी सूझबूझ से कुशलतापूर्वक खत्म करवाकर ग्रामीण जनता को राहत मिलने की चर्चा के साथ ही जिला झुंझुनू कलेक्टर रवि जैन जनता के बीच जनता के कलेक्टर के रूप विख्यात हो रहे है वहीं वर्षो से अटके बस स्टैंड के मामले में बड़ी सफलता मानते है।कलेक्टर जैन से पूर्व भी कई जिला कलेक्टरों ने पुराने निजी बस स्टैंड को खेमी शक्ति मन्दिर के पास बने नए निजी बस स्टैंड पर शिफ्ट करने की कोशिशें की थी लेकिन हड़ताल व राजनैतिक दखल के कारण मामला अधरझूल में हिलोरें लेता रहा और फाइले जाती रही ठंडे बस्ते में मगर इसबार ऐसा नही हुआ,हालांकि जिले के जनप्रतिनिधियों ने इस बार बस स्टैंड स्थानांतरित करने या ना करने पर पूरी तरह चुप्पी साधे रखी।ऐसे ही फैसलों के लिए जाना जाता था झुंझुनू में पूर्व जिला कलेक्टर झुंझुनू मुग्धा सिन्हा को। मुग्धा सिन्हा को माना जाता था जनता की कलेक्टर वहीं अब जिला कलेक्टर रवि जैन के अबतक के कार्यकाल को झुंझुनू की जनता में छवि रही है आमजन के कलेक्टर की और जनता के चहेते कलेक्टर बन गये है जिला कलेक्टर रवि जैन। जिला कलेक्टर जैन ना सर्दी देखते है ना चिलचिलाती धूप,गर्मी कभी शहर की सड़कों पर तीन घण्टे लगातार पैदल चलकर लेते हैं नाली,नालों की साफ-सफाई का जायजा तो कभी रोगियों की सेहत के लिए फिक्रमंद होते हुए जिले के सबसे बड़े राजकीय भगवान दास खेतान अस्पताल की व्यवस्था को लेकर दिखते है बारीकी से निरीक्षण करते हुए।शहर की टूटी फूटी सड़को को लेकर भी काफी गंभीर नजर आए है जिला कलेक्टर वहीं शहर में चल रहें विकास कार्यो का भी बराबर करते रहते औचक निरीक्षण व आमजन की शिकायतों पर भी पूरा ध्यान देने के साथ शहर के सौंदर्यीकरण का भी रखते है खास खयाल।आमजन के कार्यो को प्राथमिकता के कारण ही मुग्धा सिन्हा ने जिला कलेक्टर झुंझुनू रहते हुए आमजन में बनाई थी विशेष पहचान।उनके पास बेहिचक पहुंचते थे जिलेवासी व तुरंत कार्य करवाना आमजन के,कार्य ही बनें थे उनकी पहचान।मुग्धा सिन्हा के तबादले पर जिलेभर में हुआ था उनके तबादले का विरोध।शहरवासियों को उम्मीद है कि पैदल दौरा करने वाले जिला कलेक्टर जैन को जमीनी हकीकत जानने के लिए साप्ताहिक जनता दरबार लगाकर पीड़ितों को सुनना चाहिए क्योंकि जिला कलेक्टर के आदेशों के बाद भी वर्षो से कुंडली मारे बैठे अधिकारी व कर्मचारियों की रोजमर्रा की दिनचर्या बनी हुई है जनता के जायज काम को भी टरकाने की।आमजनता को जिला कलेक्टर सुने साप्ताहिक दरबार में और जनहित के कार्यो को सही अंजाम ना देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों पर कसे नकेल तो आम नागरिकों को मिले राहत।

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